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धोनी अगर समझें तो इन 5 फॉर्मूलों में है दम
अभिषेक कुमार/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 29 Sep 2012 08:26 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली 9 विकेट की शर्मनाक हार के बाद टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की डगर काफी मुश्किल हो गई है। प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि टीम इंडिया चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हराकर जोरदार वापसी करेगी। ऐसे में प्रशंसक यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि धोनी अपनी कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ की गई गलतियों को नहीं दोहराएंगे।
इरफान से कराएं गेंदबाजी की शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में धोनी ने स्पिनर आर अश्विन से गेंदबाजी की शुरुआत कराई थी। जबकि इरफान पठान पिछले कई मैच में स्ट्राइक गेंदबाज की भूमिका बखूबी निभा चुके हैं। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ इरफान ने शुरुआती सफलता दिलाई, जिससे बाद के गेंदबाजों के लिए काम आसान हो गया। पाकिस्तान के ओपनर मोहम्मद हफीज और इमरान नजीर के फॉर्म को देखते हुए इरफान से गेंदबाजी की शुरुआत कराई जानी चाहिए। इसके अलावा इरफान से बल्लेबाजी में ओपन कराने के बजाय किसी नियमित बल्लेबाज को यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।
सात बल्लेबाज का फॉर्मेट सही
सुपर-8 में भारत को पहले पाकिस्तान फिर दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है। दोनों टीमों की गेंदबाजी काफी घातक है। इसे देखते हुए धोनी को ज्यादा से ज्यादा बल्लेबाजों के साथ उतरना सूझ-बूझ भरा फैसला हो सकता है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए 7 बल्लेबाज और 4 गेंदबाज का फॉर्मेट सटीक है।
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पीयूष चावला की नहीं बनती जगह
धोनी को अंतिम ग्यारह में दो से ज्यादा स्पिनर को नहीं शामिल करना चाहिए। तीसरे स्पिनर के रूप में युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, मनोज तिवारी आदि किसी भी मदद ली सकती है। ऐसे में स्पिनर पीयूष चावला की जगह एक अन्य तेज गेंदबाज को शामिल करने का फैसला सही साबित हो सकता है।
रोहित की जगह तिवारी को दें तवज्जो
कप्तान धोनी को रोहित शर्मा की जगह मनोज तिवारी को अंतिम ग्यारह में शामिल करना चाहिए। रोहित पिछली कई पारियों में केवल एक इंग्लैंड के खिलाफ अर्द्घशतक लगाया है। जबकि मनोज तिवारी वनडे और टेस्ट में मिले हालिया मौकों को खूब भुनाया है। खास बात यह है कि मनोज तिवारी गेंदबाजी में भी धोनी को एक विकल्प्ा दे सकते हैं।
टॉस जीतकर सूझबूझ से लें फैसले
कप्तान धोनी को टॉस जीतने के बाद सूझबूझ से फैसले लेने चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में धोनी ने टॉस जीतने के बाद फैसले सटीक फैसले नहीं ले पाए। मौसम का मिजाज देखने के बावजूद उन्होंने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। जिसका खामियाजा पूरी टीम को हार के साथ चुकानी पड़ी।
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इरफान से कराएं गेंदबाजी की शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में धोनी ने स्पिनर आर अश्विन से गेंदबाजी की शुरुआत कराई थी। जबकि इरफान पठान पिछले कई मैच में स्ट्राइक गेंदबाज की भूमिका बखूबी निभा चुके हैं। अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ इरफान ने शुरुआती सफलता दिलाई, जिससे बाद के गेंदबाजों के लिए काम आसान हो गया। पाकिस्तान के ओपनर मोहम्मद हफीज और इमरान नजीर के फॉर्म को देखते हुए इरफान से गेंदबाजी की शुरुआत कराई जानी चाहिए। इसके अलावा इरफान से बल्लेबाजी में ओपन कराने के बजाय किसी नियमित बल्लेबाज को यह जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए।
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सात बल्लेबाज का फॉर्मेट सही
सुपर-8 में भारत को पहले पाकिस्तान फिर दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना है। दोनों टीमों की गेंदबाजी काफी घातक है। इसे देखते हुए धोनी को ज्यादा से ज्यादा बल्लेबाजों के साथ उतरना सूझ-बूझ भरा फैसला हो सकता है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए 7 बल्लेबाज और 4 गेंदबाज का फॉर्मेट सटीक है।
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पीयूष चावला की नहीं बनती जगह
धोनी को अंतिम ग्यारह में दो से ज्यादा स्पिनर को नहीं शामिल करना चाहिए। तीसरे स्पिनर के रूप में युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, मनोज तिवारी आदि किसी भी मदद ली सकती है। ऐसे में स्पिनर पीयूष चावला की जगह एक अन्य तेज गेंदबाज को शामिल करने का फैसला सही साबित हो सकता है।
रोहित की जगह तिवारी को दें तवज्जो
कप्तान धोनी को रोहित शर्मा की जगह मनोज तिवारी को अंतिम ग्यारह में शामिल करना चाहिए। रोहित पिछली कई पारियों में केवल एक इंग्लैंड के खिलाफ अर्द्घशतक लगाया है। जबकि मनोज तिवारी वनडे और टेस्ट में मिले हालिया मौकों को खूब भुनाया है। खास बात यह है कि मनोज तिवारी गेंदबाजी में भी धोनी को एक विकल्प्ा दे सकते हैं।
टॉस जीतकर सूझबूझ से लें फैसले
कप्तान धोनी को टॉस जीतने के बाद सूझबूझ से फैसले लेने चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में धोनी ने टॉस जीतने के बाद फैसले सटीक फैसले नहीं ले पाए। मौसम का मिजाज देखने के बावजूद उन्होंने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। जिसका खामियाजा पूरी टीम को हार के साथ चुकानी पड़ी।