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धोनी के पास नहीं है सेना के लिए फुर्सत
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Tue, 09 Oct 2012 11:35 PM IST
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भारतीय क्रिकेट के सितारों के प्रति वायु सेना की नाराजगी अभी कम भी नहीं हुई थी कि टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस आग में और घी डाल दिया। टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल धोनी मंगलवार को संगठन की वार्षिक परेड समारोह में पहुंचे ही नहीं। अब इससे यह बहस और तेज हो गई है कि लोकप्रिय हस्तियों को भविष्य में मानद रैंक देने भी चाहिए या नहीं।
वायुसेना ने ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर और धोनी को सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन दोनों ने ही अभी तक इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। इसी कारण वायुसेना ने सोमवार को साफ कर दिया था कि वह भविष्य में इन दोनों क्रिकेटरों को यह सेवा नहीं दे सकती है। पिछले साल नवंबर में धोनी को टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गई थी जबकि वायु सेना ने 2010 में सचिन को ग्रुप कैप्टन के रैंक से नवाजा था।
हालांकि हस्तियों की प्रतिबद्धता के बारे में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा, ‘सच्चाई यह है कि अधिकतर लोग अपना समय और ऊर्जा टेरिटोरियल आर्मी को दे रहे हैं। ये लोग युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ रहे हैं। इस कड़ी में नया नाम सचिन पायलट का है। अभी अभी मैंने कपिल देव को देखा था। हम हर किसी को शामिल नहीं कर रहे हैं।’
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जब उनसे पूछा गया कि धोनी और सचिन की प्रतिबद्धता की कमी के चलते इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है, तो उन्होंने कहा, ‘हमारे साथ जुड़ने वाले अधिकतर लोग काम कर रहे हैं। कपिल, मेजर सुनील सावंत, बिग्रेडियर केपी सिंहदेव और कई अन्य यहां मौजूद हैं। हमें इनके नाम नहीं भूलने चाहिए।’
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वायुसेना ने ग्रुप कैप्टन सचिन तेंदुलकर और धोनी को सुखोई लड़ाकू विमान में उड़ान भरने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन दोनों ने ही अभी तक इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। इसी कारण वायुसेना ने सोमवार को साफ कर दिया था कि वह भविष्य में इन दोनों क्रिकेटरों को यह सेवा नहीं दे सकती है। पिछले साल नवंबर में धोनी को टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि दी गई थी जबकि वायु सेना ने 2010 में सचिन को ग्रुप कैप्टन के रैंक से नवाजा था।
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हालांकि हस्तियों की प्रतिबद्धता के बारे में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा, ‘सच्चाई यह है कि अधिकतर लोग अपना समय और ऊर्जा टेरिटोरियल आर्मी को दे रहे हैं। ये लोग युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ रहे हैं। इस कड़ी में नया नाम सचिन पायलट का है। अभी अभी मैंने कपिल देव को देखा था। हम हर किसी को शामिल नहीं कर रहे हैं।’
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जब उनसे पूछा गया कि धोनी और सचिन की प्रतिबद्धता की कमी के चलते इस योजना का मुख्य उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है, तो उन्होंने कहा, ‘हमारे साथ जुड़ने वाले अधिकतर लोग काम कर रहे हैं। कपिल, मेजर सुनील सावंत, बिग्रेडियर केपी सिंहदेव और कई अन्य यहां मौजूद हैं। हमें इनके नाम नहीं भूलने चाहिए।’