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जेड सुरक्षा पर हर महीने 14 लाख खर्च करेंगे मुकेश अंबानी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 23 Apr 2013 09:27 AM IST
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देश के जाने माने उद्योगपति मुकेश अंबानी को जेड सुरक्षा देने का फैसला सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। वामदलों को यह फैसला नागवार गुजरा है।
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पार्टी ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जनता को सुरक्षा देने में आनाकानी करने और बुरी तरह असफल रहने वाली सरकार उद्योगपतियों की सुरक्षा की चिंता जताकर एक नई मगर बेहद गलत परंपरा की शुरुआत कर रही है।
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पार्टी ने इस मामले को संसद में भी उठाने की घोषणा की है। फैसले पर उठे सवालों के बाद सोमवार को गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने साफ किया कि इसका खर्च सरकार नहीं बल्कि मुकेश अंबानी खुद ही उठाएंगे।
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उनका कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश राष्ट्रीय संपत्ति हैं और उन्हें मिल रही धमकियों के मद्देनजर जेड स्तर की सुरक्षा दी गई है। मुकेश देश के ऐसे पहले गैर सरकारी, गैर राजनीतिक निजी व्यक्ति हैं, जिन्हें इस स्तर की सुरक्षा दी गई है।
सीआरपीएफ सूत्रों के मुताबिक 25 से 30 कमांडो वाले इस सुरक्षा घेरे का हर महीने का खर्च करीब 14 लाख रुपये होगा, जिसमें उनका वेतन भी शामिल है। इस खर्च के अलावा अंबानी सुरक्षा टीम को बैरक भी मुहैया कराएंगे।
इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में सुरक्षा टीम अगले हफ्ते से अपनी जिम्मेदारी संभाल लेगी। करीब महीने भर की जांच-पड़ताल के बाद गृह मंत्रालय इस नतीजे पर पहुंचा था कि मुकेश पर हमला हो सकता है।
पूरी समीक्षा के बाद आईबी समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें जेड स्तर की सुरक्षा देने की सिफारिश की।
आईएम ने भेजी थी धमकी भरी चिट्ठी
गृह मंत्रालय के मुताबिक पिछले महीने मुकेश के पास आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन की ओर से लिखी एक चिट्ठी पहुंची, जिसमें लिखा था कि उनकी हत्या कर दी जाएगी। इतना ही नहीं रिलायंस के दफ्तरों और फैक्ट्रियों पर भी हमले की संभावना जताई गई है। इस चिट्ठी की जांच खुफिया एजेंसी आईबी ने भी की।
सुरक्षा की समीक्षा की मांग
माकपा के वरिष्ठ नेता बासुदेव आचार्य का कहना है कि इस समय वीआईपी और वीवीआईपी की सुरक्षा में लगे जवानों की संख्या कम कर के आम लोगों की सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। जबकि सरकार कॉरपोरेट क्षेत्र को सरकारी सुरक्षा देने में लगी हुई है। हम इस मामले को संसद में पूरी गंभीरता से उठाएंगे।
ऐसा होगा सुरक्षा कवच
जेड श्रेणी की सुरक्षा के तहत मुकेश अंबानी के काफिले में एक पायलट वाहन होगा और उसके पीछे अन्य वाहन चलेंगे। इनमें हथियारों से लैस कमांडो होंगे। यह कमांडो मुकेश अंबानी को मुंबई और देश में कहीं भी जाने पर हर वक्त सुरक्षा देंगे। सीआरपीएफ ने इसके लिए 28 सदस्यों की टीम बनाई है।
देश की सुरक्षा श्रेणियां
-जेड प्लस - 36 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
-जेड - 22 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
-वाई - 11 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
-एक्स - 02 सुरक्षाकर्मियों का घेरा
इन एजेंसियों पर है जिम्मा
-स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी)
-नेशनल सिक्युरिटी गार्ड (एनएसजी)
-भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)
-सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ)
-दिल्ली पुलिस