देश के हर कोने में खुलेंगे CNG स्टेशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनिंदा महानगरों के बजाय सीएनजी स्टेशनों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए मोदी सरकार कई बड़े कदम उठने जा रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय सीएनजी स्टेशनों के देशव्यापी विस्तार के लिए नई गाइडलाइन तैयार करने में जुटा है।
खास बात यह है कि कानून मंत्रालय की स्वीकृति के बाद सीएनजी स्टेशनों पर लागू होने वाली कई तरह की पाबंदियों से छूट दी जा सकती है।
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल पंप की तर्ज पर देश भर में सीएनजी स्टेशन खोलने के लिए पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) की भूमिका में कटौती की जा सकती है। गौरतलब है कि पीएनजीआरबी की पाबंदियों के चलते सीएनजी स्टेशन खोलने की प्रक्रिया काफी जटिल है।
सीएनजी स्टेशन के लिए बन रही गाइडलाइंस
इस मसले पर मंत्रालय पेट्रोलियम से जुड़ी कंपनियों के साथ विचार-विमर्श कर जल्द ही नई गाइडलाइन बनाने जा रहा है। ऑयल एंड गैस से जुड़ी कंपनियां पेट्रोल पंप की तर्ज पर सीएनजी स्टेशन खोलने के पक्ष में हैं।
अगर सरकार कंपनियों के सुझाव पर अमल करती है, तो सीएनजी की खुदरा बिक्री पीएनजीआरबी के नियमों के बजाय पेट्रोल-डीजल की तरह आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत हो सकेगी।
सीएनजी गैस के वितरण के मौजूदा तरीकों और पीएनजीआरबी के नियमों पर काफी बहस रही है। सीएनजी स्टेशनों की नई गाइडलाइन के लिए इंडियन ऑयल ने भी अपने सुझाव पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजे हैं।
इंडियन ऑयल भी जुटा
इंडियन ऑयल का सुझाव है कि ऑयल और नेचुरल गैस से जुड़े मौजूदा कंपनियों को ही सीएनजी की मार्केटिंग का अधिकार मिलना चाहिए।
इंडियन ऑयल ने देश में सीएनजी और पीएनजी की बढ़ती मांग को देखते हुए गैस की आपूर्ति बढ़ाने पर भी जोर दिया है। कानून मंत्रालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय को सलाह दे चुका है कि सीएनजी स्टेशन सिटी या लोकल गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के दायरे में नहीं आते हैं, इसलिए सीएनजी स्टेशन शुरू करने केलिए पीएनजीआरबी की मंजूरी आवश्यक जरूरी नहीं है।
माना जा रहा है पेट्रोलियम मंत्रालय सीएनजी स्टेशनों की नई गाइडलाइन में कानून मंत्रालय की इस सलाह को ध्यान में रखेगा।