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आगे भी चलता रहेगा वर्क फ्रॉम होम
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Tue, 05 Mar 2013 11:42 PM IST
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याहू जैसी दिग्गज कंपनी द्वारा कर्मचारियों के घर से काम करने की सुविधा पर रोक लगाए जाने के बावजूद यह चलन देश में खत्म नहीं होगा, बल्कि आगे भी चलता रहेगा। याहू की नई सीईओ मारिसा मेयर द्वारा घर से काम करने की सुविधा (वर्क फ्रॉम होम) पर रोक लगाए जाने के बाद हालांकि यह बहस छिड़ गई है कि यह प्रणाली कर्मचारियों को इस तरह की सुविधा देना कंपनी की एक भूल थी या फिर एक ‘जरूरी बुराई’ थी।
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साथ ही अन्य कंपनियों में इस सुविधा के वजूद पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम सुविधा की अपनी उपयोगिता है, जिससे वह आगे भी चलती रहेगी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि घर से काम करने की सुविधा की कामयाबी मूलत: तीन बातों पर निर्भर करती है। इसमें देखने वाली पहली बात यह है कि घ र से काम करने वाले कर्मचारी की कंपनी में क्या भूमिका है। दूसरे, अपने काम के प्रति उस कर्मचारी की सोच क्या है और तीसरे कर्मचारी को यह सुविधा देने वाली कंपनी विकास के किस स्तर पर है।
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विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ग्लोबलाइजेशन के विस्तार में और डिजिटल माध्यमों तक लोगों की बढ़ती पहुंच को देखते हुए आने वाले समय में कामकाज में कार्यस्थल से जुड़े बदलाव आने स्वाभाविक हैं और ऐसे में कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा देना जरूरी होगा।
रेंडस्टेड की निदेशक, पब्लिक अफेयर्स एनेमेयर मंट्ज का कहना है कि काम और निजी जीवन के बीच संतुलन की धारणा पुरानी पड़ती जा रही है और आज की बलदलती जरूरतों के मुताबिक काम और निजी जीवन घुलते-मिलते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जहां आज याहू द्वारा वर्क फ्रॉम होम की सुविधा बंद किए जाने का उदाहरण सामने आया है, वहीं ऑटो कंपनी फॉक्सवैगन की मिसाल भी हमारे सामने है, जिसने 2011 में ब्लैकबेरी सर्वर के जरिये अपने कर्मचारियों को उस वक्त ई-मेल भेजना बंद करवा दिया था, जबकि वह काम पर न हों। इस तरह हमारे सामने दो विपरीत उदाहरण है, पर न तो याहू का उदाहरण अंतिम सत्य है और न ही फॉक्सवैगन का उदाहरण।
कुछ इसी तरह की राय टीम लीज सर्विस की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट व सह संस्थापक ऋतुपर्णा चक्रवर्ती ने जताते हुए कहा कि याहू अभी ऐसे दौर में है, जहां उसे संभावनाओं को फिर से तलाशना है। इसके लिए काम में नएपन और कर्मचारियों का एक-दूसरे के संपर्क में रह कर साथ मिलकर काम करना जरूरी है, वर्क फ्रॉम होम जैसी प्रणाली ऐसी कंपनियों के लिए मुफीद है, जोकि सतत विकास की ओर बढ़ रही हैं जैसेकि आईबीएम।