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इनोवेशन के बिना बैंकिंग में नए ग्राहक जोड़ना मुश्किल
बंगलूरू/एजेंसी
Updated Wed, 14 Nov 2012 10:12 PM IST
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ग्लोबल आर्थिक सुस्ती से बुरी तरह प्रभावित होने के बावजूद दुनिया भर के बैंक इनोवेशन (नवाचार) को प्रोत्साहन देने की नीति पर कायम हैं। इसमें वह न सिर्फ निवेश करना जारी रखा है, बल्कि उसे बढ़ा भी रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी इनफोसिस और वित्तीय सेवा क्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय संस्था ईएफएमए के एक संयुक्त अध्ययन रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
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रिपोर्ट के मुताबिक मुश्किल आर्थिक हालात के मद्देनजर बैंकों को यह लग रहा है कि मोबाइल और नेट बैंकिंग जैसे इनोवेशन को प्रोत्साहन किए बगैर नए ग्राहकों को अपने साथ जोड़ पाना खासा मुश्किल होगा। यूरोप, अफ्रीका, एशिया-प्रशांत, अमेरिका और दक्षिण एशिया के 66 देशों में करीब 300 बैंकरों के बीच कराए गए इस अध्ययन से बैंकिंग जगत में इनोवेशन की अहमियत उजागर होती है। अध्ययन में शामिल 79 प्रतिशत बैंकरों ने इस तथ्य को स्वीकार किया है कि भविष्य में उनके कारोबार के लिए इनोवेशन वाली तकनीक बेहद कारगर साबित होने वाली है।
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सर्वेक्षण में शामिल 76 फीसदी बैंकरों ने कहा है कि उन्होंने 2012 में इनोवेशन के मद में न सिर्फ खर्च करना जारी रखा है, बल्कि उस राशि में बढ़ोतरी भी की गई है। इनोवेशन की तकनीकें अधिकतर ग्राहक संतुष्टि और प्रोसेसिंग से जुडे़ मामलों में लाई जा रही हैं। दरअसल, अधिकांश बैंक मोबाइल और नेट बैंकिंग के बेहतर अनुभव मुहैया कराने पर जोर दे रहे हैं।
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अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के अधिकांश बैंक अगले तीन वर्षों में मोबाइल से भुगतान करने और टैबलेट पर बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की भी तैयारी कर रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में मूल्यवर्धित सेवाओं पर फिलहाल 8 फीसदी बैंक ही ध्यान दे रहे हैं, लेकिन तीन वर्षों में यह आंकड़ा 76 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान है।