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बगैर हेल्थ इंश्योरेंस महंगा है निजी अस्पतालों में इलाज
दिल्ली
Updated Wed, 25 Sep 2013 12:47 PM IST
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अगर आप निजी अस्पताल में इलाज करवाना ज्यादा पसंद करते हैं तो अपना हेल्थ इंश्योरेंस जरूर करवा लें। क्योंकि हेल्थ इंश्यारेंस न होने की सूरत में आप की जेब ज्यादा ढीली हो सकती है।
टीएनएन के मुताबिक एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। निजी अस्पतालों पर किए गए अध्ययन में पता चला है कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले लोगों से निजी अस्पताल इलाज के लिए कम शुल्क लेते हैं, जबकि जो लोग इलाज का कैश पेमेंट करते हैं तो इसके लिए ज्यादा भुगतान करना होगा।
निजी अस्पताल श्री गंगा राम, मैक्स फोर्टिस, अपोलो की श्रेणी में आने वाले कई अस्पतालों पर विभिन्न शहरों में अध्ययन किया गया और हर जगह यही बात सामने आई है।
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अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि भारत में निजी क्षेत्र का स्वास्थ्य क्षेत्र, अमेरिका में चलने वाले स्वास्थ्य क्षेत्र की तरह काम कर रहा है।
निजी अस्पतालों में जिन लोगों के पास हेल्थ इंश्यारेंस नहीं है, उनसे 25-60 फीसदी तक अधिक पैसा वसूल किया जा रहा है।
उदाहरण के बिना इंश्यारेंस के हार्ट सर्जरी के इलाज के लिए आप को 3.63 लाख रुपए का भुगतान करना पड़ता है। हेल्थ इंश्योरेंस है तो निजी अस्पतालों में उसी इलाज के लिए 2.25 लाख रुपए का ही भुगतान करना होगा।
टखने के बदलाव के लिए 1.60 रुपए देने होंगे जबकि बिना इंश्योरेंस के यह लागत 2.40 लाख्ा रुपए के स्तर तक पहुंच जाएगी।
देश में सालाना स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 4,00,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए जाते हैं।
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टीएनएन के मुताबिक एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। निजी अस्पतालों पर किए गए अध्ययन में पता चला है कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने वाले लोगों से निजी अस्पताल इलाज के लिए कम शुल्क लेते हैं, जबकि जो लोग इलाज का कैश पेमेंट करते हैं तो इसके लिए ज्यादा भुगतान करना होगा।
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निजी अस्पताल श्री गंगा राम, मैक्स फोर्टिस, अपोलो की श्रेणी में आने वाले कई अस्पतालों पर विभिन्न शहरों में अध्ययन किया गया और हर जगह यही बात सामने आई है।
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अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि भारत में निजी क्षेत्र का स्वास्थ्य क्षेत्र, अमेरिका में चलने वाले स्वास्थ्य क्षेत्र की तरह काम कर रहा है।
निजी अस्पतालों में जिन लोगों के पास हेल्थ इंश्यारेंस नहीं है, उनसे 25-60 फीसदी तक अधिक पैसा वसूल किया जा रहा है।
उदाहरण के बिना इंश्यारेंस के हार्ट सर्जरी के इलाज के लिए आप को 3.63 लाख रुपए का भुगतान करना पड़ता है। हेल्थ इंश्योरेंस है तो निजी अस्पतालों में उसी इलाज के लिए 2.25 लाख रुपए का ही भुगतान करना होगा।
टखने के बदलाव के लिए 1.60 रुपए देने होंगे जबकि बिना इंश्योरेंस के यह लागत 2.40 लाख्ा रुपए के स्तर तक पहुंच जाएगी।
देश में सालाना स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 4,00,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च कर दिए जाते हैं।