विज्ञापन
विज्ञापन

लघु उद्योग क्षेत्र में बह रही है बदलाव की बयार

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 12 Sep 2012 01:27 PM IST
winds of change  is blowing in the SMEs
ख़बर सुनें
देश के सूक्ष्म, छोटे और मझोले कारोबार (एमएसएमई) के क्षेत्र में इन दिनों बदलाव की बयार बह रही है। पहले, शेयर बाजार नियामक सेबी ने एसएमई प्लेटफार्म पर कारोबार के लिए अधिसूचित दिशा निर्देश जारी किए जिसकी वजह से एसएमई की लिस्टिंग आसान हो जाएगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो ऐंड स्माल ऐंड मीडियम इंटरप्राइजेज (एफआईएसएमई) ने एक बैंकरप्टी कानून पर काम करना शुरू किया है जो देश में एमएसएमई के क्षेत्र में लंबे अरसे से काम कर रहे लेकिन कमोबेश नाकारा हो चुके तंत्र का स्थान लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा एफआईएसएमई इनके लिए एक प्रतिस्पर्धा संबंधी ढांचा तैयार करने पर भी काम कर रहा है जो इन उद्यमों को सुझाएगा कि देश के नए प्रतिस्पर्धा आयोग का फायदा किस तरह उठाया जाए। तमाम जरूरतों के चलते लागत ऊंची हो जाने के कारण अधिकांश एसएमई के लिए शेयर बाजारों से राशि एकत्रित करना कठिन हो जाता है। इसके अलावा अगर अपने मनपसंद समय पर आसानी से बाहर निकलने की सुविधा न हो तो ऐसे में ऐंजल इन्वेस्टर, वेंचर कैपिटल या निजी इक्विटी फंड भी इनमें निवेश करने में रुचि नहीं दिखाते।

इसलिए सेबी द्वारा मई 2010 में शेयरों की लिस्टिंग के मानकों में ढील की घोषणा और पूर्व में एसएमई के लिए अलग प्लेटफार्म निर्मित करने की घोषणा के बाद एसएमई के लिए शेयर बाजारों में प्रवेश करना कुछ आसान हो जाएगा। ये नए मानक उन एसएमई की अनुपालन लागत कम करेंगे जो बाजार में लिस्ट होना चाहती हैं। सेबी के मुताबिक जो एसएमई लिस्टेड हैं उन्हें अपने वित्तीय नतीजे तिमाही आधार पर जमा या घोषित नहीं करने होंगे जबकि बीएसई और एनएसई जैसे प्रमुख शेयर बाजारों में लिस्टेड कंपनियों को ऐसा करना पड़ता है।

इसके अलावा उन्हें अपने निवेशकों को सालाना रिपोर्ट भी नहीं भेजनी होगी। इसके बजाय, एसएमई प्लेटफॉर्म पर बिजनेस ट्रेडिंग करने वालों को छमाही आधार पर अपने वित्तीय नतीजे घोषित करने होंगे, वे इन्हें अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर सकते हैं और इसके मुख्य बिंदुओं को शेयर धारकों को भेज सकते हैं।

हालांकि इसके अलावा उन पर लिस्टेड कंपनियों वाली सभी शर्तें लागू होंगी। उदाहरण के लिए उन्हें न्यूनतम 25 फीसदी की पब्लिक होल्डिंग करनी होगी। एसएमई खंड में लिस्टिंग की चाह रखने वाली कंपनी के लिए पूंजी में से 25 करोड़ रुपये की फेस वैल्यू की ऊपरी सीमा तय की गई है। इस खंड में लिस्टेड कंपनियां यदि इश्यू के बाद 25 करोड़ रुपये की सीमा पार करती हैं तो उनको आवश्यक रूप से मुख्य विनिमय बोर्ड में स्थानांतरित किया जाएगा।

दूसरे देशों में एसएमई को लिस्टिंग के लिए प्लेटफॉर्म मुहैया कराने का यह फायदा देखा गया है कि इससे छोटी कंपनियों को शेयर बाजार में लाने में मदद मिलती है। इसका सबसे महत्त्वपूर्ण उदाहरण है लंदन स्टॉक एक्सचेंज का वैकल्पिक निवेश बाजार। भारत में पहले हुए ऐसे प्रयास (ओटीसीईआई और बीएसई का इंडोनेक्स्ट) नकदी की कमी और निवेशकों की रुचि न होने के कारण असफल साबित हुए हैं लेकिन इस नवीनतम प्रयास का फायदा यह है कि इस बार नियम कायदे ढीले रखे गए हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

City and States Archives

रजिस्ट्री रद्द नहीं कर सकते उपनिबंधक : हाईकोर्ट

हाईकोर्ट के तीन जजों की पूर्णपीठ ने अपने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि उपनिबंधक को बैनामा (रजिस्ट्री) रद्द करने का अधिकार नहीं है।

23 मई 2019

विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में आजम खान से हारीं जया प्रदा करेंगी BJP में 'गद्दारी' की शिकायत

लोकसभा चुनाव 2019 में हाई प्रोफाइल सीट रामपुर से भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा का बयान सामने आया है। जया प्रदा ने भाजपा के भीतरघात को अपनी हार का कारण बताया है।

24 मई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree