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थोक महंगाई दर नौ माह के निचले स्तर पर आई

Sat, 15 Mar 2014 02:35 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 15 Mar 2014 02:35 PM IST
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Wholesale inflation rate at a nine-month low

प्याज, आलू, दालों और गेहूं के मंदा होने से थोक मूल्य सूचकांक

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(डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई की दर फरवरी में 0.37 फीसदी गिरकर नौ माह के निचले स्तर 4.68 फीसदी पर रह गई। नौ माह में यह पहली बार पांच फीसदी से नीचे आई है।

महंगाई दर में आई इस गिरावट से रिजर्व बैंक द्वारा 1 अप्रैल को घोषित की जाने वाली मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कमी किए जाने की उम्मीद बंधी है।

शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) फरवरी में 4.68 फीसदी पर रही।

इससे एक माह पहले जनवरी 2014 में थोक महंगाई 5.05 फीसदी पर और साल भर पहले फरवरी 2013 में यह 7.28 फीसदी पर थी।

माह के दौरान दूध और फलों को छोड़ दिया जाए, तो तकरीबन सभी वस्तुओं की कीमतों में नरमी का रुख रहा।

फिक्की के अध्यक्ष सिद्धार्थ बिड़ला का कहना है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर में कमी के बाद थोक महंगाई में भी कमी आने से रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति में नरमी दिखाने का अवसर मिला है।

उम्मीद है कि निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में आरबीआई और सरकार दोनों कदम उठाएंगे।

पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष शरद जयपुरिया ने कहा कि उद्योगों की रफ्तार में सुस्ती बनी हुई है। ऐसे में महंगाई में गिरावट आने पर रिजर्व बैंक से रेपो रेट में कटौती की अपेक्षा है।
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औद्योगिक संगठन सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने खुदरा महंगाई में कमी को अच्छी खबर बताते हुए कहा कि इससे रिजर्व बैंक के लिए मौद्रिक नीति में नरमी का रवैया अपनाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
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