फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   whole sale inflation in 5 month top what will do Mr Modi

थोक महंगाई 5 महीने के टॉप पर, क्या करेंगे मोदी?

Wed, 18 Jun 2014 11:38 AM IST
Updated Wed, 18 Jun 2014 11:38 AM IST
विज्ञापन
whole sale inflation in 5 month top what will do Mr Modi

महंगाई के मोर्चे पर मोदी सरकार की अग्निपरीक्षा शुरू हो गई है। कमजोर मानसून की आहट के साथ ही थोक महंगाई पिछले पांच महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।

विज्ञापन


मई में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई 6.01 फीसदी तक पहुंच गई है, जबकि पिछले साल इस दौरान यह 4.58 फीसदी थी। इससे पहले अप्रैल में थोक महंगाई 5.20 फीसदी थी। महंगाई की यह आग खाने-पीने की चीजों और ईंधन के महंगा होने से ज्यादा भड़की है।
विज्ञापन


वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, मई में खाद्य वस्तुओं की थोक महंगाई 9.50 फीसदी बढ़ी है। इस दौरान आलू करीब 31 फीसदी महंगा हुआ, जबकि फलों के दाम 19.40 फीसदी तक बढ़ चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्याज की कीमतें बढ़ाएगी आफत

whole sale inflation in 5 month top what will do Mr Modi

हालांकि प्याज की कीमतों में करीब तीन फीसदी की कमी आई है। सब्जियों की थोक महंगाई में भी करीब एक फीसदी की मामूली गिरावट है। लेकिन अंडा, मांस और मछली पर बढ़ी 12.47 फीसदी महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ने की पूरी तैयारी कर दी है। रही-सही कसर दूध की 9.57 फीसदी चढ़ी कीमतों ने पूरी कर दी।

खाने-पीने की चीजों की अलावा फैक्ट्री में बनने वाले सामानों पर भी 3.55 फीसदी महंगाई है। हालांकि, खाद्य तेलों और चीन की महंगाई में 0.88 और 1.98 फीसदी की कमी आई है, लेकिन तंबाकू और पेय पदार्थों के की महंगाई 8.45 फीसदी तक पहुंच गई है।

महंगाई पर काबू पाने के दावे के साथ सत्ता में आई मोदी सरकार कमजोर मानसून के मद्देनजर महंगाई से निपटने में जुट गई है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि और खाद्य मंत्रियों के साथ बैठक कर सूखे के लिए एक्शन प्लान मंगाया था।

उद्योग जगत की चिंता बढ़ी

whole sale inflation in 5 month top what will do Mr Modi

थोक महंगाई बढ़ने से आम आदमी के अलावा उद्योग जगत की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। सीआईआई के महासचिव चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि औद्योगिक उत्पादन को उबारने के लिए महंगाई को काबू में रखना बेहद जरूरी है।

गौरतलब है कि महंगाई की वजह से रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कटौती से हिचक रहा है। हाल में आए खुदरा महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जगा दी थी।

खाद्य महंगाई से निपटे रेस्पॉन्स टीम-फिक्की
फिक्की के अध्यक्ष सिद्धार्थ बिड़ला के मुताबिक अच्छी बात यह है महंगाई पर काबू पाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। इसके लिए फिक्की ने प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत एक फूड इंफ्लेशन रेस्पॉन्स एंड स्ट्रैटजी टीम (फर्स्ट) गठित करने का सुझाव दिया है। जो खाद्यान्न उत्पादन, भंडारण और बाजार भाव के रीयल टाइम आंकड़ों के आधार पर महंगाई से मुकाबले की रणनीति तैयार करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed