थोक महंगाई से थोड़ी राहत लेकिन खतरा अभी कायम
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अप्रैल में ईंधन और खाने-पीने की चीजों के दाम काबू में रहने से थोक महंगाई से कुछ राहत मिली है। थोक मूल्य सूचकांक (डब्लयूपीआई) पर आधारित महंगाई दर अप्रैल में 5.2 फीसदी रही, जबकि मार्च में यह 5.7 फीसदी तक पहुंच गई थी।
हालांकि खुदरा महंगाई तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है, लेकिन थोक महंगाई में कमी से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को बल मिला है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई महीने-दर-महीने के आधार पर 9.9 फीसदी से घटकर अप्रैल में 8.64 फीसदी रही है। सब्जियों की महंगाई 8.57 फीसदी से घटकर 1.34 फीसदी पर आ गई है। इस दौरान प्याज 9.76 फीसदी सस्ता हुआ, जबकि तिलहन के दाम सिर्फ 0.43 फीसदी बढ़े हैं।
पर दूध हो गया है महंगा
खाद्य तेल भी इस दौरान 0.54 फीसदी सस्ते हुए हैं। चुनावी माह होने की वजह से भी अप्रैल में महंगाई काबू में रही। लेकिन मई में दूध महंगा हो चुका है और डीजल का दाम भी बढ़ चुका है।
इस मूल्य वृद्धि का असर अगले महीने के आंकड़ों में दिखाई पड़ेगा। इस बीच सरकार ने फरवरी में थोक महंगाई के आंकड़े को 4.68 फीसदी से संशोधित कर 5.03 फीसदी कर दिया है। अप्रैल में डीजल की थोक महंगाई दर मार्च में 14.63 फीसदी से घटकर 13.74 फीसदी रही है।
लेकिन इस दौरान पेट्रोल की महंगाई 5.91 फीसदी से बढ़कर 7.77 फीसदी पर पहुंच गई। फैक्ट्री में बने उत्पाद की कीमतों में मामूली कमी दर्ज की गई है। आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम ने थोक महंगाई में गिरावट का सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद जताई है। लेकिन उनका कहना है कि अल-नीनो के चलते मानसून में कमी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
नई सरकार के लिए राहत भरा आंकड़ा
खुदरा महंगाई तीन महीने में सबसे ऊपर पहुंचने के बाद थोक महंगाई में गिरावट नई सरकार के लिए राहत देने वाला आंकड़ा है। आम चुनाव में महंगाई का मुद्दा जोर-शोर से छाया रहा।
आंकड़े भले ही कोई भी तस्वीर पेश करें, लेकिन महंगाई आम जनता की कमर तोड़ रही है। आगामी 3 जून को होने वाली मौद्रिक नीति की समीक्षा में रिजर्व बैंक पर भी ब्याज दरों में कटौती का दबाव रहेगा।
औद्योगिक संगठन फिक्की के अध्यक्ष सिद्धार्थ बिड़ला का कहना है कि डीजल कीमतों में हालिया वृद्धि और मानसून को लेकर अनिश्चितता को देखते हुए कीमतों पर नजर रखनी होगी।
नई सरकार के लिए महंगाई सबसे बड़ी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए एक व्यापक कार्य योजना बनानी होगी।