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अमेरिका में क्या होगा मोदी का एजेंडा?

Thu, 25 Sep 2014 12:44 PM IST
Updated Thu, 25 Sep 2014 12:44 PM IST
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Make in India Campaign - Narendra Modi's Agenda for US Visit

‘मेक इन इंडिया’ नारे को मजबूती देने के इरादे के साथ 26 सितंबर से पांच दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने व्यापक व्यापारिक एजेंडे को अमलीजामा पहनाने की पुरजोर कोशिश करेंगे। मोदी की इस यात्रा के दौरान अमेरिका के साथ राजनीतिक स्तर पर कोई बड़ा समझौता या घोषणा होने की उम्मीद नहीं है।

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अमेरिकी बिजनेस कम्यूनिटी भी मोदी की अमेरिकी यात्रा को लेकर काफी आशान्वित है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की शीर्ष छह कंपनियों के प्रमुखों से निजी तौर पर मुलाकात करेंगे।
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इनमें गोल्डमैन सॉक्स के चेयरमैन एवं सीईओ लॉयड सी. ब्लैंकफेन, जनरल इलेक्ट्रिक के चेयरमैन एवं सीईओ जेफ इम्मेलट, बोइंग चेयरमैन एवं सीईओ डब्ल्यू जेम्स मिकनेर्नी जूनियर, ब्लैकरॉक चेयरमैन एवं सीईओ लॉरेंस डी. फिंक और आईबीएम चेयरमैन एवं सीईओ गिनी रोमटी शामिल हैं। इसके अलावा, कोलबर्ग कार्वीज रॉबर्ट्स (केकेआर) प्रमुख की भी मोदी से मुलाकात की उम्मीद है।
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अमेरिकी कंपनियों की गलतफहमी दूर करेंगे मोदी

Make in India Campaign - Narendra Modi's Agenda for US Visit

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री अमेरिकी कंपनियों की गलतफहमी दूर कर अवसरों को भुनाने के लिए उत्सुक हैं।

प्रधानमंत्री अमेरिकी कंपनियों को भारत में बड़े पैमाने पर निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे और उन्हें भारत सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण, विभिन्न स्तर की मंजूरी प्रक्रियाएं और प्राकृतिक संसाधनों के आवंटन को पारदर्शी एवं प्रभावकारी बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देंगे।

गोल्डमैन सॉक्स और जनरल इलेक्ट्रिक जैसी कंपनियों के कुछ सीईओ भारतीय कराधान प्रणाली के स्थायित्व और तमाम तरह की मंजूरियां लेने की थकाऊ व्यवस्था, जो कि भारत में कारोबार करने का बहुत मुश्किल बनाती है, पर बीते समय में गंभीर सवाल उठा चुके हैं।

बृहस्पतिवार को विज्ञान भवन से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को लांच करने के एक दिन बाद अपनी अमेरिका यात्रा शुरू कर रहे प्रधानमंत्री मोदी का फोकस भारत में अमेरिकी कंपनियों से न केवल भारी निवेश हासिल करना है, बल्कि उन्हें भारत को मैन्यूफैक्चरिंग बेस बनाने के लिए आकर्षित करना भी है। खासकर रक्षा क्षेत्र में भारत को मैन्यूफैक्चरिंग एवं निर्यात हब बनाने पर जोर है।

गूगल के सीईओ से मिलेंगे मोदी

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यात्रा के दौरान 29 सितंबर को प्रधानमंत्री की ब्रेकफॉस्ट मीटिंग में गूगल एक्जीक्यूटिव चेयरमैन एरिक सी. श्मिट, कार्लाइल ग्रुप के सह-संस्थापक एवं को-सीईओ डेविड एम. रुबेनस्टेन, कारगिल प्रेसिडेंट एवं सीईओ डेविड डब्ल्यू. मैकलेनन, मर्क एंड कंपनी सीईओ केनिथ सी. फ्रेजर, हॉस्पिरा चेयरमैन जॉन सी. स्टैली, सिटीग्रुप सीईओ माइकल एल. कॉर्बेट, केटरपिलर चेयरमैन एवं सीईओ डफ ओबरहेल्मन, मास्टरकार्ड प्रेसिडेंट एवं सीईओ अजय बंगा और पेप्सिको चेयरमैन एवं सीईओ इंदिरा नूयी सहित अन्य लोगों के साथ मुलाकात निर्धारित है।
 
सरकार के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री की यात्रा में द्विपक्षीय वार्ता को लेकर कोई बड़ा एजेंडा नहीं है। यात्रा का मुख्य फोकस रक्षा समझौते, अक्षय ऊर्जा और अंतरिक्ष के क्षेत्र में परस्पर समझौते को लेकर रहेगा।

प्रधानमंत्री अमेरिका से रक्षा, आणविक और अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक लाने को लेकर उत्सुक हैं। उनका फोकस देश में स्मार्ट सिटी बनाने की अवधारणा को अमलीजामा पहनाने पर भी है।

इसके मद्देनजर वह अमेरिकी यात्रा के दौरान शीर्ष बिजनेस लीडर और अग्रणी उद्योगों के प्रमुखों के साथ मुलाकात करेंगे।

कब मिलेंगे ओबाम से मोदी?

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प्रधानमंत्री 30 सितंबर को अमेरिकी-भारत बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित रिसेप्शन में भी शिरकत करेंगे। इसमें व्यापार जगत के करीब 300 सदस्यों के मौजूद रहने की उम्मीद है।

29-30 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और वाइस प्रेसिडेंट जोसेफ बिडेन, सेक्रेट्री ऑफ स्टेट जॉन कैरी और रक्षा सचिव चक हेगेल के साथ मुलाकात में मोदी दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने का मुद्दा उठाएंगे।

यहां भी फोकस रक्षा, समुद्री सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर रहेगा। प्रधानमंत्री अमेरिकी स्पीकर जॉन बोएनर और दोनों पक्षों के नेताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं।
 
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी की पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और उनकी पत्नी हिलेरी क्लिंटन के साथ मुलाकात भी काफी महत्वपूर्ण है। 27 सितंबर को मोदी का न्यूयार्क में 9/11 मेमोरियल जाना भी निर्धारित है।

इसके बाद प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा की 69वें सालाना सत्र को संबोधित करने संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय जाएंगे, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से मुलाकात करेंगे।

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