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रुपये में गिरावट, किस-किस पर पड़ेगा असर

Tue, 11 Jun 2013 06:13 PM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क Updated Tue, 11 Jun 2013 06:13 PM IST
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what impact of rupee depreciation

डॉलर के मुकाबले रुपये में आई रिकॉर्ड गिरावट से जहां सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं, वहीं आम लोगों के लिए भी यह खबर परेशान करने वाली है।

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सोमवार को मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अब तक के न्यूनतम स्तर 58.15 रुपये पर बंद हुआ। भारतीय मुद्रा में 1.09 रुपये की बड़ी गिरावट हुई।
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क्या पड़ेगा असर

बढ़ेगा सरकार का घाटा
रुपये में गिरावट का अर्थव्यवस्था पर सबसे बड़ा असर सरकार के घाटे में बढ़ोतरी के रूप में देखने को मिलेगा। आयात की लागत बढ़ने के चलते व्यापार घाटे में बढ़ोतरी के रूप में होता है।
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पेट्रोलियम की कीमतों पर दबाव
देश की पेट्रोलियम संबंधी जरूरत मुख्यत: आयात से पूरी होती है इसलिए रुपये में नरमी से तेल व गैस का आयात महंगा होने का भी अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर पड़ेगा। रुपये में कमजोरी की वजह से ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी का फायदा भी नहीं मिल सकेगा।

बोझ बढ़ाएगा सोने का आयात
-भारत दुनिया के बड़े सोना आयातकों में शामिल है, रुपये में गिरावट के चलते सोने का आयात भी बढ़ जाएगा, यह व्यापार घाटे को बढ़ाने के साथ-साथ व्यापार असंतुलन को भी बढ़ाएगा।

एफआईआई में कमी की आशंका
रुपये की गिरावट कुल मिलाकर अर्थव्यवस्था में कमजोरी के एक संकेत के रूप में कमजोरी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफआईआई) को प्रभावित कर सकती है। देश में निवेश करने में लाभ की संभावना कमजोर पड़ती देख विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में पैसा लगाने से कतरा सकते हैं।

महंगी पड़ेगी विदेशी कर्ज की अदायगी
रुपये में गिरावट का बुरा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा, जिन्होंने भारी मात्रा में विदेशी कर्ज ले रखा है, क्योंकि अब उन्हें अपने कर्ज के एवज में ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

कच्चे माल का आयात होगा महंगा
रुपये में गिरावट से विदेशों से कच्चे माल का आयात करने वाली कंपनियों पर भी वित्तीय बोझ बढ़ेगा, क्योंकि रुपये में नरमी के चलते ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

विदेश यात्रा हो जाएगी महंगी
रुपये की गिरावट से विदेश यात्रा महंगी हो सकती है, क्योंकि विदेश में खर्च करने के लिए उतनी ही विदेशी मुद्रा पाने के लिए आपको अधिक रुपयों का भुगतान करना होगा।


विदेश में पढ़ना भी होगा महंगा
रुपये की कमजोरी विदेशों में पढ़ाई और इलाज जैसी चीजों को भी महंगा कर चोट पहुंचाती है, क्योंकि इससे विदेश में फीस के भुगतान व रहने-खाने के खर्च में बढ़ोतरी होती है।

किसे होगा फायदा

आईटी की बढ़ेगी आय
रुपये में कमजोरी का फायदा आईटी सेक्टर को मिलता है, क्योंकि काम के लिए विदेशी मुद्रा में मिले भुगतान के बदले उन्हें ज्यादा रुपये प्राप्त होते हैं।

विदेशी कमाई में बढ़त
रुपये के कमजोर पड़ने उन परिवारों को भी ज्यादा रुपये मिलते हैं, जिनके सदस्य विदेशों विदेशी मुद्रा की कमाई घर भेजते हैं। विदेशी मुद्रा को रुपये में कैश करने पर इन्हें ज्यादा रकम मिलेगी।

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