{"_id":"c2a997fb898f39def4e268a5af6f8967","slug":"web-portal-launched-for-coal-block-auction-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेब पोर्टल के जरिए होगी कोयला ब्लॉक की नीलामी ","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
वेब पोर्टल के जरिए होगी कोयला ब्लॉक की नीलामी
नई दिल्ली /ब्यूरो
Updated Fri, 26 Dec 2014 09:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुशासन दिवस पर 24 कोयला ब्लॉक की नीलामी के लिए कोयला, बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने वेबपोर्टल की शुरुआत की। इस वेब पोर्टल के माध्यम से ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
नीलामी में हिस्सा लेने के लिए इच्छुक कंपनियों का बृहस्पतिवार से पंजीयन शुरू हो गया है।
नीलामी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। सिर्फ बैंक गारंटी व सभी जानकारी के सत्य होने का प्रमाण पत्र दस्तावेज के रूप में देना होगा। नीलामी दो चरण में होगी।
विज्ञापन
तकनीकी नीलामी में हिस्सा लेने की अंतिम तारीख 31 जनवरी रखी गई है। इसके बाद वित्तीय नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। 24 फरवरी को वित्तीय नीलामी में सफल आवेदकों के नाम जारी कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
नीलामी में सफल आवेदकों को आगामी 23 मार्च को खनन का मंजूरी पत्र दे दिया जाएगा। 23 मार्च तक 24 कोयला ब्लॉक की नीलामी के साथ 18 ब्लॉक के आवंटन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
इसके तुरंत बाद 32 कोयला ब्लॉक की नीलामी व आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ये 32 ब्लॉक उत्पादन के लिए तैयार है। अभी जो नीलामी हो रही है, उन सभी ब्लॉक में पहले से उत्पादन हो रहा है।
गुरुवार से जिन ब्लॉकों की नीलामी शुरू हो रही है, उनमें से सात कोयला ब्लॉक छत्तीसगढ़, छह मध्य प्रदेश, तीन पश्चिम बंगाल, तीन झारखंड, एक उड़ीसा, तीन महाराष्ट्र तो एक अरुणाचल प्रदेश में स्थित है। सात ब्लॉक बिजली क्षेत्र, 16 ब्लाक स्टील व सीमेंट तो एक कोकिंग कोल का ब्लॉक स्टील क्षेत्र के लिए सुरक्षित है।
बिजली क्षेत्र के लिए आरक्षित कोयला ब्लॉक के लिए सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को सफल घोषित किया जाएगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि बिजली की कीमत न बढ़े।
वहीं अन्य क्षेत्र के लिए आरक्षित कोयला ब्लॉक के लिए सबसे ऊंची बोली लगाने वालों को सफल आवेदक माना जाएगा। नीलामी प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कोयला बहुल राज्यों को अगले तीस साल के दौरान कोयला ब्लॉक की नीलामी और रायल्टी से सात लाख करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान है।