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कमजोर रुपये से बढ़ेंगी आम आदमी की मुश्किलें

Wed, 26 Jun 2013 09:21 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Wed, 26 Jun 2013 09:21 PM IST
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weak rupee will increase difficulties of common man

डॉलर के मुकाबले कमजोरी के लगातार नए आयाम छू रहा रुपया सरकारी खजाने पर चोट करने के साथ-साथ महंगाई की आग भी भड़काएगा।

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पेट्रोलियम और सोने-चांदी के मामले में देश पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खाद्य तेलों और दालों का आयात जिस तरह बढ़ा है, उससे कमजोर रुपया आम आदमी के निवाले पर भी भारी पड़ेगा।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फिओ) के महानिदेशक अजय सहाय का कहना है पेट्रोलियम और सोने के अलावा भारत में बड़े पैमाने पर खाद्य तेल, दालों, उर्वरक और कोयले का आयात किया जाता है। रुपये की कमजोरी का सीधा असर इन पर पड़ेगा, जिससे महंगाई को काबू में रख पाना मुश्किल होता जाएगा।
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गत एक मई से अब तक रुपये में करीब 11 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में हाल में हुई बढ़ोतरी के बावजूद ईंधन के दाम में फिर से बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
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हाल के महीनों में सरकारी आंकड़ों में थोक और खुदरा महंगाई कम होती दिखी है लेकिन खाने-पीने की वस्तुओं की महंगाई कम नहीं हुई है। कमजोर रुपया महंगे ईंधन के रास्ते महंगाई का रास्ता खोलेगा।

इंडिया फॉरेक्स एडवाइजर्स के सीईओ अभिषेक गोयनका का कहना है कि इस महीने डेट मार्केट से हुई भारी निकासी के चलते रुपये पर दबाव बढ़ गया है। डॉलर के मुकाबले 60 रुपये से ऊपर के स्तर पर बंद होने के बाद अब रुपया 61 तक भी गिर सकता है।

कहां हैं सरकार के बड़े कदम
रुपया लगातार गिरावट के रिकॉर्ड बना रहा है, लेकिन रुपये में जान फूंकने के लिए सरकार के बड़े कदमों की आहट भी सुनाई नहीं दे रही है। पिछले महीने भर से चाहे वित्त मंत्री हो या फिर वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराज रमन सभी यही कह रहे हैं कि सरकार और आरबीआई जल्द बड़े कदम उठाएंगे। हालांकि, आरबीआई की ओर से डॉलर बेचने की बात जरूर आ रही है लेकिन इस तरह की कोशिशें रुपये का फिसलने से नहीं रोक पा रही हैं।


रुपये के कमजोर होने का असर
:- स्टील आयात होगा महंगा, जिससे घर, कार, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के दाम बढ़ेंगे
:- विदेशों में पढ़ाई और विदेशी विदेशी यात्रा होगी महंगी
:- सरकार का घाटा बढ़ेगा, सोना आयात होगा महंगा
:- कर्ज सस्ता होने की उम्मीदों को लगेगा झटका

भारतीय बाजार से निकले 29 हजार करोड़ रुपये
रुपये की कमजोरी को भांपते हुए विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से हाथ खींचने का सिलसिला जारी है। पिछले महीने महीने के दौरान विदेशी निवेशक डेट और इक्विटी मार्केट से करीब 29 हजार करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। डॉलर की बढ़ती मांग और भारतीय बांड के मुकाबले अमेरिकी बांड के बेहतर रिटर्न के चलते रुपये में निवेशकों का भरोसा घट रहा है।

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