अब हर खेत को पानी, हर किसान को मिलेगा कर्ज
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मोदी सरकार के पहले बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। कृषि क्षेत्र से जुड़े कई चुनावी वादों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में पूरा कर दिया है। हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का ऐलान किया गया है। किसानों को 4 फीसदी ब्याज पर कर्ज की योजना जारी रहेगी।
करीब 20 लाख भूमिहीन किसानों को भी नाबार्ड से कर्ज मुहैया कराया जाएगा। उर्वरकों के संतुलित प्रयोग और पैदावार बढ़ाने के लिए सरकार ने मृदा-स्वास्थ्य कार्ड और जागरुकता बढ़ाने के लिए किसान टीवी का वादा भी पूरा कर दिया है।
बजट में कृषि, खाद्य सुरक्षा और जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विशेष महत्व दिया गया है। इनसे जुड़े कई अहम घोषणाएं वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में की है।
मृदा कार्ड और मोबाइल टेस्टिंग लैब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर अमल करते हुए बजट में हरेक किसान को मृदा-स्वास्थ्य कार्ड देने का ऐलान किया है। कृषि मंत्रालय इस योजना को मिशन के तौर पर चलाएगा, जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश में 100 मोबाइल मृदा परीक्षण लैब स्थापित करने केलिए 56 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।
कृषि को बढ़ावा देने के लिए किए जाएंगे खास इंतजाम
नए कृषि व बागवानी विश्वविद्यालय- कृषि से जुड़े शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार आंध्र प्रदेश और राजस्थान में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय और हरियाणा व तेलंगाना में बागवानी विश्वविद्यालय खोले जाएंगे। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
8 लाख करोड़ का कृषि कर्ज: वित्त वर्ष 2014-15 में सरकार ने 8 लाख रुपये के कृषि ऋण का लक्ष्य तय किया है। किसानों को 7 फीसदी की रियायती ब्याज दर और समय से भुगतान करने पर ब्याज में 3 फीसदी छूट की योजना इस साल भी जारी रहेगी। सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की मदद के लिए सरकार 5 हजार करोड़ रुपये लॉन्ग टर्म रूरल क्रेडिट फंड तैयार करेगी।
महंगाई थामेगा मूल्य स्थिरता फंड: कृषि उत्पादों की महंगाई थामने के लिए 500 करोड़ रुपये का मूल्य स्थिरता फंड बनेगा। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा-पत्र में इसका वादा किया था।
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दूसरी हरित क्रांति पर फोकस
वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए कृषि क्षेत्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा है कि दूसरी हरित क्रांति का फोकस प्रोट्रीन क्रांति पर होगा।
कृषि क्षेत्र में 4 फीसदी से ऊपर की विकास दर कायम रखने के लिए तकनीक, निजी क्षेत्र के निवेश और मार्केटिंग के नए तरीकों पर जोर दिया जाएगा। भंडारण के बुनियादी ढांचे के बेहतर बनाने के लिए बजट में 5 हजार करोड़ रुपये के वेयरहाउस इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का ऐलान किया गया है। इस फंड का इस्तेमाल निजी क्षेत्र को भंडारण के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
मोदी सरकार ने अपने पहले ही बजट में किसान टीवी चैनल शुरू करने का वादा पूरा कर दिया है। इसके जरिए बाजार भाव, खेती की नई तकनीक, ऑर्गेनिक फार्मिंग और जल संरक्षण से जुड़ी सूचनाओं का प्रसार किया जाएगा। किसान टीवी के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे।