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दुनिया का तीसरा बड़ा सौदा है वेराइजन-वोडाफोन डील
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
Updated Tue, 03 Sep 2013 08:04 PM IST
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अमेरिकी टेलीकॉम कंपनी वेराइजन कम्यूनिकेशंस द्वारा ब्रिटेन की वोडाफोन के अमेरिकी वायरलेस कारोबार की हिस्सेदारी की खरीद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कॉरपोरेट सौदा है।
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दोनों कंपनियों के बीच हिस्सेदारी की खरीद के लिए हुए इस सौदे में चुकाई गई 130 अरब डॉलर (88.37 खरब रुपए) की रकम टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी व ओएनजीसी जैसी देश की कई बड़ी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण से भी अधिक है।
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दुनिया में अबतक इससे बड़े दो ही कॉरपोरेट सौदे हुए है, जिनमें 1999 में वोडाफोन द्वारा 203 अरब डॉलर में जर्मनी की कंपनी मैनेसमेन का अधिग्रहण और अमेरिकन ऑनलाइन इंक. (एओएल) द्वारा वर्ष 2000 में 181 अरब डॉलर चुका कर टाइम वार्नर का अधिग्रहण किया जाना शामिल है।
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वेराइजन और वोडाफोन के बीच हुए सौदे की शर्तों के मुताबिक वोडाफोन को 58.9 अरब डॉलर का नकद भुगतान किया जाएगा।
इसके अलावा उसे 60.2 अरब डॉलर मूल्य के वेराइजन के शेयर दिए जाएंगे और 11 अरब डॉलर की राशि अन्य भुगतानों के जरिए की जाएगी।
दुनिया की दो दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों के बीच हुए इस सौदे की प्रक्रिया को अगले वर्ष की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च 2014) में निपटा लिया जाएगा।
इस सौदे के जरिए वेराइजन को वोडाफोन के साथ उसके साझा उपक्रम वेराइजन वायरलेस में वोडाफोन की 45 फीसदी हिस्सेदारी मिल जाएगी और कंपनी का नियंत्रण पूरी तरह से उसके हाथ में आ जाएगा।
इस सौदे के आकार पर गौर किया जाए, तो इसमें हिस्सेदारी की खरीद के लिए चुकाई गई रकम इतनी बड़ी है कि यह देश की कई टॉप कंपनियों की कुल बाजार पूंजी से भी ज्यादा बैठती है।
वर्तमान में बाजार पूंजीकरण के मामले में टीसीएस 3,92,833 करोड़ रुपए की पूंजी के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है।
इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज 2,69,030 करोड़, आईटीसी 2,36,304 करोड़, ओएनजीसी 2,14,871 और इनफोसिस 1,73,924 करोड़ रुपए की पूंजी के साथ भारतीय बाजार की टॉप-5 कंपनियों में शामिल हैं।