{"_id":"db052406df697a95b294f209febc7922","slug":"vodafone-trai-dot-sepecturm-callrate-baseprice-pchidambaram","type":"story","status":"publish","title_hn":"वोडाफोन ने लगाया 4,000 करोड़ का दांव","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
वोडाफोन ने लगाया 4,000 करोड़ का दांव
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 20 Nov 2013 03:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन इंडिया ने अपनी लाइसेंस अवधि को बढ़ाने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को चार हजार करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव दिया है। कंपनी का यह प्रस्ताव ट्राई द्वारा नए लाइसेंस देने के लिए तय रिजर्व प्राइस की तुलना में 25 फीसदी कम है।
विज्ञापन
ये देश के 10 सबसे बड़े दानवीर
विज्ञापन
कंपनी का कहना है कि यदि उसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में मौजूदा लाइसेंस की अवधि का विस्तार 20 साल के लिए मिलता है, तो कंपनी चार हजार करोड़ रुपये देने को तैयार है। कंपनी को मिले लाइसेंस की अवधि 2014 में खत्म हो रही है।
विज्ञापन
RBI ने दिया कारोबारियों को तोहफा
ट्राई की सिफारिशों के अनुसार कंपनी को इन क्षेत्रों में लाइसेंस के लिए नए सिरे से स्पेक्ट्रम लेना होगा। इसके लिए उसे करीब 1,600 करोड़ रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।
कंपनी ने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को लिखे पत्र में कहा है कि वह टेलीकॉम नियामक ट्राई द्वारा यूनिफार्म स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज के तहत तीन फीसदी सीमा को सही मानती है।
एक्सिस बैंक पर हो सकता है विदेशी कब्जा!
ऐसे में उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह की बैठक में ट्राई के इस प्रस्ताव को स्वीकार करना चाहिए। हालांकि, कंपनी ट्राई द्वारा 1800 मेगाहर्ट्ज के लिए स्पेक्ट्रम की तय रिजर्व प्राइस को ज्यादा मानती है। पत्र में उसने कहा है कि इससे नीलामी में भागीदारी पर असर पड़ सकता है।