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अमेरिका तक फैला है रेल मंत्री के भांजे का कारोबार

Sun, 05 May 2013 12:40 AM IST
चंडीगढ़/आशीष तिवारी
चंडीगढ़/आशीष तिवारी Updated Sun, 05 May 2013 12:40 AM IST
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vijay singla business spans chandigarh to america

केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के जिस भांजे विजय सिंगला को सीबीआई ने घूस के आरोप में हिरासत में लिया है, उसका कारोबार सात समुंदर पार अमेरिका से लेकर यूरोप और अफ्रीका से लेकर साउथ पूर्वी एशिया के बड़े-बड़े मुल्कों तक फैला है।

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जगन ट्यूब्स लिमिटेड के नाम से जिस कंपनी को पवन बंसल के रिश्तेदारों ने 1991 में शुरू किया था, अब वह जगन ग्रुप के बैनर तले जेटीएल इंफ्रा, चेतन इंडस्ट्रीज और मिराज इंफ्रा के नाम की कंपनियों से सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये का टर्नओवर कर रही हैं।
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पवन बंसल के भांजे के जिस दफ्तर पर सीबीआई ने शुक्रवार रात को छापा मारकर उसको हिरासत में लिया, वहीं से इन चार कंपनियों के नाम से कारोबार होता है।

जेटीएल इंफ्रा का ऑफिस चंडीगढ़ में ही नहीं बल्कि अमेरिका के कैलिफोर्निया से लेकर दिल्ली, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भी हैं।

जेटीएल इंफ्रा का 100 करोड़ का टर्नओवर
जेटीएल इंफ्रा में विजय सिंगला प्रमोटर डायरेक्टर हैं। इस कंपनी का पिछले वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर हुआ था। इस कंपनी का इंजीनियरिंग और निर्माण के काम में आने वाले स्टील के प्रोडक्ट को तैयार करने का प्रमुख कारोबार है।
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इसके अलावा यहां स्टील ट्यूब्स और पाइप का निर्माण भी होता है। जेटीएल इंफ्रा के अलावा छत्तीसगढ़ के ऊर्ला में भी पवन बंसल के भांजे और उनके रिश्तेदारों का बड़ा कारोबार चेतन इंडस्ट्रीज के नाम से है।

इस कंपनी में स्टेनलेस स्टील प्रोडक्ट का निर्माण होता है। सिंगला का एक्रोपॉलिस मॉल भी चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में बन रहा है।

सिंगला के पास अरबों की संपत्ति
रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने पिछले चुनाव में अपनी संपत्ति भले ही करोड़ों में बताई हो लेकिन उनके भांजे विजय सिंगला की संपत्ति अरबों में है।

शुक्रवार की रात सीबीआई को सिंगला से पूछताछ और जांच में उनके पास अरबों की संपत्ति का पता चला। सीबीआई टीम ने उनके पास से करीब 25 प्रापर्टियों और शेयरों के कागजात बरामद किए।

क्या था मामला
सीबीआई के मुताबिक महेश कुमार रेलवे बोर्ड के सदस्य नहीं बनना चाहते थे, बल्कि वह मेंबर इलेक्ट्रीकल का ज्यादा मलाईदार पद पाने की जुगत में लगे थे। इसके लिए वह रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला के दोस्त संदीप गोयल को दस करोड़ रुपये की रिश्वत देने को भी तैयार हो गए थे।

गोयल ने महेश कुमार को बताया था कि रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय मित्तल जून में रिटायर हो रहे हैं। मौजूदा मेंबर इलेक्ट्रीकल कुलभूषण तब रेलवे बोर्ड के चेयरमैन बन जाएंगे और मेंबर इलेक्ट्रीकल का पद खाली हो जाएगा।


गोयल ने इस पद पर नियुक्ति दिलाने के लिए कुमार से पांच करोड़ रुपये पहले और पांच करोड़ रुपये मेंबर इलेक्ट्रीकल पद पर नियुक्ति के बाद होने के देने को कहा, जिस पर महेश कुमार तैयार हो गए।

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