राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पूरा होगा: जेटली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वह पूरा हो जाएगा। उनके मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में भी सुधार के लक्षण दिखने लगे हैं, जिससे कर वसूली बढ़ रही है और इससे लक्ष्य पूरा होने में मदद मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय सीमा शुल्क दिवस के अवसर पर केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) द्वारा मंगलवार को यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र में सुधार के लक्षण दिखने लगे हैं। जब उत्पादन बढ़ेगा तो सरकार की कर वसूली भी बढ़ेगी और राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
इससे पहले राजस्व वसूली की रफ्तार इसलिए धीमी पड़ी थी क्योंकि विनिर्माण की गतिविधियां कम हो गईं थीं। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने राजकोषीय घाटे के स्तर को सकल घरेलू उत्पाद के ४.१ फीसदी तक रखने का लक्ष्य रखा है।
निवेश के लिए उत्सुक हैं विदेशी भी
जेटली ने बताया कि इस समय देशी-विदेशी निवेशक भारत में निवेश करने के लिए काफी उत्सुकता जाहिर कर रहे हैं। इसे भारत एक अवसर के रूप में देख सकता है और इसे किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जा सकता है। इस समय ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, यूरोप, जापान और रूस समेत कई उभरती अर्थव्यवस्था भारत की तरफ आशा भरी नजरों से देख रही है।
उनके यहां देखें तो हालत ठीक नहीं है जबकि अपने यहां सकारात्मक माहौल है। इस अवसर का लाभ लेने के लिए यहां कर ढांचे में सुधार और प्रशासन को चुस्त-दुरूस्त करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कर अधिकारियों को सोच और धारणा में बदलाव की जरूरत है।