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उत्तर प्रदेश में एक्साइज-सर्विस टैक्स लोकपाल नियुक्त

Fri, 26 Oct 2012 12:12 AM IST
कानपुर/संजय त्रिपाठी
कानपुर/संजय त्रिपाठी Updated Fri, 26 Oct 2012 12:12 AM IST
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Uttar Pradesh Excise Service Tax lokpal appointed

उत्पादन के अलावा निर्यात और सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को राहत देने के मकसद से उत्तर प्रदेश में पहली बार एक्साइज और सेवाकर लोकपाल की नियुक्ति हुई है। केंद्र सरकार ने हाल ही में मुख्य आयुक्त (सीमा शुल्क एवं उत्पाद कर) राजेंद्र प्रसाद को लोकपाल पद पर नियुक्ति दी है।

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इनका कार्यक्षेत्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ होगा। लोग कस्टम्स, एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स संबंधी शिकायतें उनसे कर सकेंगे। 1 नवंबर को लोकपाल कानपुर में ट्रेड से जुड़े शीर्ष लोगों के साथ बैठक करेंगे।
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लंबे समय से इस बात पर मंथन चल रहा था कि बैंकिंग लोकपाल की ही भांति एक्साइज, कस्टम और सर्विस टैक्स से संबंधित लोकपाल भी नियुक्त किया जाए। इस बाबत 11 मई को सीमा शुल्क एवं उत्पाद कर बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर दी थी। इसमें देश भर में लखनऊ के अलावा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बंगलुरु और अहमदाबाद में लोकपाल नियुक्त करने के निर्देश दिए गए थे।
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लोकपाल का मुख्य काम करदाताओं की सभी प्रकार की शिकायतों को सुनना और उनका निस्तारण करना है। वे इस बात के लिए प्रयास करेंगे कि करदाता की शिकायत को विभाग के साथ आपसी सहमति से सुलझा लिया जाए। साथ ही साथ समय-समय पर विभाग को करदाताओं की समस्याओं को कम करने संबंधी सुझाव भी देंगे। शिकायत पर सुनवाई के बाद लोकपाल आदेश पास करेंगे।

अगर लगता है कि इस आदेश का पालन नहीं हुआ तो वह बोर्ड को सूचित करेंगे। इसमें शर्त यह भी है कि शिकायत दर्ज कराने वाला अपना नाम-पता स्पष्ट रूप से लिखकर देगा। गुमनाम शिकायतों को लोकपाल के यहां तरजीह नहीं दी जाएगी। शिकायत ई-मेल के माध्यम से भी की जा सकती हैं।

लोकपाल द्वारा जारी आदेश का पालन अधिकारियों द्वारा मानने की अनिवार्यता होगी। अगर कोई मुआवजे से संबंधित आदेश होता है उसे ऑफिस के बजट से भुगता जाएगा न कि किसी अधिकारी के वेतन से।

इन मामलों की होगी सुनवाई
- रिफंड जारी करने में अनावश्क देर करना
- रजिस्ट्रेशन न करना या फिर टालते रहना
- किसी प्रकार के ऑर्डर पास करने में देरी
- अपील में मिली राहत न प्रदान करना
- भेजे गए पत्र-कागज को रिसीव न करना
- छापे के समय सीज सामान को न छोड़ना
- विभाग के अफसरों द्वारा बुरा बर्ताव करना

यह व्यवस्था समय की जरूरत है। किसी समस्या-दुविधा को लेकर अभी कहीं कोई सुनवाई नहीं होती थी। लोकपाल के नियुक्त होने से कोर्ट के झंझट और समय की बचत होगी।--मुख्तारुल अमीन, चेयरमैन (फुटवियर डिजाइन एंड डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट)


यह बहुत अच्छा कदम है। लंबे समय से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। निर्यात क्षेत्र से जुड़े उद्यमी और सेवाप्रदाता इससे खासे लाभान्वित होंगे।--धर्मेंद्र श्रीवास्तव, चार्टर्ड एकाउंटेंट (सेवाकर मामलों के विशेषज्ञ)

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