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शहरी कोऑपरेटिव बैंक के लिए नए लाइसेंस जल्द
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 31 Oct 2012 06:54 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक देश में शहरी कोऑपरेटिव बैंक का विस्तार करने के लिए नए लाइसेंस देने की तैयारी कर रहा है। रिजर्व बैंक इस संबंध में जल्द ही दिशानिर्देश जारी करेंगा। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को पेश हुई मौद्रिक नीति में यह बात कही है।
नए शहरी कोऑपरेटिव बैंकों के गठन के लिए रिजर्व बैंक ने वाईएच मालेगाम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था, जिसने अपनी सिफारिशें दे दी है। इसके बाद रिजर्व बैंक अब नए कोऑपरेटिव के गठन की कवायद कर रहा है। हालांकि नए गठन के लिए अभी सरकार के साथ गवर्नेंस के मामले को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए शहरी कोऑपरेटिव का गठन हो सकेगा।
रिजर्व बैंक ने इसके अलावा मौद्रिक नीति में शहरी कोऑपरेटिव बैंकों के लिए कॉरपोरेट बांड में रेपो ट्रांजेक्शन करने की छूट दे दी है। इसके तहत अब ऐसे शहरी कोऑपरेटिव बैंक जिनकी वित्तीय स्थिति मजबूत है और उनका प्रबंधन पेशेवर तरीके से मजबूती के साथ किया जा रहा है। वह कॉरपोरेट बांड में रेपो ट्रांजेक्शन कर सकेगी। इस संबंध में कोऑपरेटिव बैंकों की पात्रता संबंधी गाइडलाइन रिजर्व बैंक जल्द जारी करेगा।
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नए शहरी कोऑपरेटिव बैंकों के गठन के लिए रिजर्व बैंक ने वाईएच मालेगाम की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था, जिसने अपनी सिफारिशें दे दी है। इसके बाद रिजर्व बैंक अब नए कोऑपरेटिव के गठन की कवायद कर रहा है। हालांकि नए गठन के लिए अभी सरकार के साथ गवर्नेंस के मामले को लेकर आम सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नए शहरी कोऑपरेटिव का गठन हो सकेगा।
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रिजर्व बैंक ने इसके अलावा मौद्रिक नीति में शहरी कोऑपरेटिव बैंकों के लिए कॉरपोरेट बांड में रेपो ट्रांजेक्शन करने की छूट दे दी है। इसके तहत अब ऐसे शहरी कोऑपरेटिव बैंक जिनकी वित्तीय स्थिति मजबूत है और उनका प्रबंधन पेशेवर तरीके से मजबूती के साथ किया जा रहा है। वह कॉरपोरेट बांड में रेपो ट्रांजेक्शन कर सकेगी। इस संबंध में कोऑपरेटिव बैंकों की पात्रता संबंधी गाइडलाइन रिजर्व बैंक जल्द जारी करेगा।
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