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यूपी में जन्मे फ्रैंक इस्लाम को मार्टिन लूथर किंग सम्मान

Wed, 21 Jan 2015 09:12 AM IST
एजेंसी
एजेंसी Updated Wed, 21 Jan 2015 09:12 AM IST
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up born Frank Islam got Martin loothar king award

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की तंग गलियों से निकलकर अमेरिका पहुंचे उद्यमी और समाजसेवी फ्रैंक इस्लाम को मार्टिन लूथर किंग जूनियर सम्मान से नवाजा गया है।

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उन्हें यह सम्मान नागरिक अधिकारों के लिए काम करने के लिए दिया गया। उनके साथ ही घाना के टैंटंम शहर के किंग पेग्गी को डोरोथी वन हाइट लीडरशीप सम्मान दिया गया।
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रविवार को द मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष हैरी जॉनसन ने उन्हें इस सम्मान से नवाजा। जॉनसन ने कहा, ‘इस्लाम को यह सम्मान मार्टिन लूथर किंग जूनियर के सपनों को जिंदा रखने के लिए दिया जा रहा है।’
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फ्रैंक इस्लाम ने सम्मान मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि एक भारतीय मूल का अमेरिकी होने के नाते यह सम्मान मिलने पर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उन्हें यह सम्मान दो महान व्यक्तियों (मार्टिन लूथर और महात्मा गांधी) की याद में मिलने से बहुत खुशी है।

इस्लाम ने कहा, ‘मार्टिन लूथर किंग और महात्मा गांधी के बीच एक अमिट रिश्ता है। किंग जूूनियर 1954 में भारत आए। यहां उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसात्मक आंदोलन से प्रेरणा ली और फिर उसी रास्ते पर चलकर आंदोलन किए।’ उन्होंने कहा, ‘ये दोनों महापुरूष मेरे जीवन में हमेशा रोशनी बने रहे हैं।’

घर गिरवी रखकर शुरू की कंपनी
फ्रैंक इस्लाम का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक किसान परिवार में हुआ। महज 15 साल की उम्र में वह अमेरिका चले गए। उस समय उनकी जेब में सिर्फ पांच सौ डॉलर (करीब 31 हजार रुपये) थे।


साल 1993 में उन्होंने अपना घर गिरवी रखा और घाटे में चल रही मेरीलैंड की आईटी कंपनी को 50 हजार डॉलर में खरीदा। करीब 14 साल तक क्यूएसएस ग्रुप कंपनी को ऊंचाईयों पर पहुंचाने के बाद साल 2007 में उन्होंने कंपनी बेच दी और समाजसेवा के काम में जुट गए।

फ्रैंक इस्लाम अमेरिका के प्रसिद्ध केनेडी सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स एंड ब्रुकिंग्स और यूएस इंस्ट्ीट्यूट ऑफ पीस के निदेशक मंडल में भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका की स्थिति बयां करती हुई दो किताबें भी लिखी हैं। इस्लाम कई विचार समूहों, अकादमी और सांस्कृतिक संस्थाओं के निदेशक मंडल में भी शामिल हैं।

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