{"_id":"586c320e-5431-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"up-and-uttarakhand-back-in-adding-small-businessmen","type":"story","status":"publish","title_hn":"छोटे कारोबारियों को जोड़ने में यूपी, उत्तराखंड पीछे","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
छोटे कारोबारियों को जोड़ने में यूपी, उत्तराखंड पीछे
नई दिल्ली/प्रशांत श्रीवास्तव
Updated Tue, 01 Jan 2013 10:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए कारोबारियों को जोड़ने में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बैंक उत्तर भारत के दूसरे राज्यों की तुलना में कहीं पीछे चल रहे हैं। आरबीआई के नियमों के मुताबिक बैंकों को हर साल नए छोटे (माइक्रो) कारोबारियों के खातों में 10 फीसदी की दर से बढ़ोतरी करनी है।
इस लक्ष्य की तुलना में उत्तर प्रदेश ने चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में जहां 7.67 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है। वहीं उत्तराखंड ने केवल 1.71 फीसदी ग्रोथ हासिल की है। हरियाणा सहित दूसरे राज्यों ने 13 से 32 फीसदी तक की ग्रोथ हासिल की है।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दोनों राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी को आरबीआई के 10 फीसदी ग्रोथ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए खास तौर से जोर देने को कहा है। अधिकारी के अनुसार हाल ही में सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग मंत्रालय के तरफ से भी यह बात सामने आई है कि अधिकतर बैंक छोटे कारोबारियों को हर साल 10 फीसदी की दर से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
जहां तक उत्तर प्रदेश की बात है, तो सितंबर 2012 तक राज्य में 9,25,892 छोटे कारोबारियों को कर्ज दिया गया है। मार्च से सितंबर तक की ग्रोथ की बात करें, तो कभी भी 10 फीसदी का लक्ष्य नहीं पहुंच पाया है। मार्च 2012 में यह 8.56 फीसदी था, जो कि सितंबर में 7.67 फीसदी ही रहा है।
इसी तरह उत्तराखंड में मार्च 2012 में यह 1.86 फीसदी था, तो सितंबर 2012 में यह केवल 1.71 फीसदी ही रहा है। जिसे देखते हुए इन राज्यों में विशेष तौर से नए कारोबारियों को जोड़ने को कहा गया है। इन राज्यों के अलावा पंजाब में सितंबर 2012 में 14 फीसदी ग्रोथ, दिल्ली और एनसीआर में 17.07 फीसदी, चंडीगढ़ में 31.28 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 13.13 फीसदी, हरियाणा में 16 फीसदी की ग्रोथ रही है।
विज्ञापन
इस लक्ष्य की तुलना में उत्तर प्रदेश ने चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में जहां 7.67 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है। वहीं उत्तराखंड ने केवल 1.71 फीसदी ग्रोथ हासिल की है। हरियाणा सहित दूसरे राज्यों ने 13 से 32 फीसदी तक की ग्रोथ हासिल की है।
विज्ञापन
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दोनों राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी को आरबीआई के 10 फीसदी ग्रोथ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए खास तौर से जोर देने को कहा है। अधिकारी के अनुसार हाल ही में सूक्ष्म, लघु एवं मध्य उद्योग मंत्रालय के तरफ से भी यह बात सामने आई है कि अधिकतर बैंक छोटे कारोबारियों को हर साल 10 फीसदी की दर से जोड़ने के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
जहां तक उत्तर प्रदेश की बात है, तो सितंबर 2012 तक राज्य में 9,25,892 छोटे कारोबारियों को कर्ज दिया गया है। मार्च से सितंबर तक की ग्रोथ की बात करें, तो कभी भी 10 फीसदी का लक्ष्य नहीं पहुंच पाया है। मार्च 2012 में यह 8.56 फीसदी था, जो कि सितंबर में 7.67 फीसदी ही रहा है।
इसी तरह उत्तराखंड में मार्च 2012 में यह 1.86 फीसदी था, तो सितंबर 2012 में यह केवल 1.71 फीसदी ही रहा है। जिसे देखते हुए इन राज्यों में विशेष तौर से नए कारोबारियों को जोड़ने को कहा गया है। इन राज्यों के अलावा पंजाब में सितंबर 2012 में 14 फीसदी ग्रोथ, दिल्ली और एनसीआर में 17.07 फीसदी, चंडीगढ़ में 31.28 फीसदी, हिमाचल प्रदेश में 13.13 फीसदी, हरियाणा में 16 फीसदी की ग्रोथ रही है।