फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   Unhappy with working of coal sector, Narendra Modi advocates major involvement of private sector in coal exploration

कोयला सेक्टर से नाखुश मोदी, निजी कंपनियों को देंगे जिम्मेदारी

Thu, 21 Aug 2014 08:54 AM IST
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया
नई दिल्ली/ सुजय मेहदूदिया Updated Thu, 21 Aug 2014 08:54 AM IST
विज्ञापन
Unhappy with working of coal sector, Narendra Modi advocates major involvement of private sector in coal exploration

कोयला क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन से नाखुश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हालात सुधारने के लिए इस क्षेत्र के दरवाजे निजी कंपनियों के लिए खोलने के पक्ष में हैं।

विज्ञापन


कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) के सुस्त प्रदर्शन पर असंतोष जताते हुए प्रधानमंत्री ने सीआईएल से कोयला उत्खनन के लिए कोयले के उत्खनन के लिए एक आक्रामक कार्य योजना बनाते हुए अक्षमता और कमजोर प्रदर्शन के दौर से खुद को बाहर लाने को कहा है। मोदी का मानना है कि सीआईएल की इस सुस्ती से देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय हित बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने कड़ी चेतावनी देते हुए सरकारी नियंत्रण वाले कोयला क्षेत्र के तकनीकी उन्नयन और कोयला उत्खनन के काम में निजी क्षेत्र को भी शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। इसके लिए उन्होंने 30 सितंबर की समय सीमा तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने सचिव स्तर की बैठक में कोयला क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। मोदी ने कोयला और बिजली क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस बैठक में दोनों ही क्षेत्रों में सुधार के लिए एक कारगर रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है।

बैठक में कैबिनेट सचिव अजीत सेठ, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र के अलावा पीएम के अतिरिक्त सचिव, योजना आयोग सचिव, सरकारी व्यय सचिव और कोयला, बिजली व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालयों के सचिव ने भाग लिया।

उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि सचिवों की बैठक में प्रधानमंत्री ने बिजली कंपनियों को हो रही कोयले की किल्लत पर नाराजगी जताई। उन्होंने कोल इंडिया से अपने स्टॉक में बढ़ोतरी करने को कहा है। साथ ही उन्होंने सीआईएल से कोयले के उत्खनन में सालाना 10 फीसदी की बढ़ोतरी लाने को भी कहा।

उन्होंने कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया से चालू परियोजनाओं के विस्तार और नई कोयला खानों में काम शुरू करने की मंजूरियों के लिए संबंधित मंत्रालयों के साथ कारगर ढंग से संवाद बनाए रखने को कहा, ताकि कोयले की आपूर्ति में लक्ष्य के अनुरूप बढ़ोतरी को हासिल किया जा सके।

सूत्रों के मुताबिक कोयले की किल्लत को जल्द दूर करने के लिए प्रधानमंत्री कोयला उत्खनन में निजी कंपनियों को शामिल करने को प्राथमिकता से लागू करने की राय व्यक्त की। उन्होंने कोयला मंत्रालय से कहा कि मंत्रालय इसके लिए करार तैयार करने और अन्य पहलुओं पर तेजी से काम करे। उन्होंने कोयले की आपूर्ति बढ़ाने के लिए उत्खनन तेजी से बढ़ोतरी लाने को कहा। प्रधानमंत्री ने इसके लिए कोयला मंत्रालय को एक पुख्ता और आक्रामक कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।

मोदी ने कोयला मंत्रालय और उसके तहत आने वाले सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजायन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) से देश में उपलब्ध समूचे कोयला भंडार के उत्खनन के लिए जल्द से जल्द एक मुकम्मल कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा। इसके साथ ही मोदी ने लंबित पड़े कामों को जल्द से जल्द पूरा करने और अधिशेष (सरप्लस) कोयले जैसे मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए तेजी से नीतियां तैयार करने को भी कहा। उन्होंने कोयले और लिग्नाइट की मात्रा और गुणवत्ता के लिए सितंबर तक जरूरी मानक तैयार करने का निर्देश भी कोयला मंत्रालय को दिया है।


उन्होंने देश के थर्मल पावर प्लांटों को कोयले की अबाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में माइन डेवलपमेंट आपरेटर (एमडीओ) संबंधी करार और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत कोयला उत्खनन के लिए छूट संबंधी करार (कंसेशन एग्रीमेंट) समयबद्ध ढंग से तैयार करने का भी निर्देश दिया है। गौरतलब है कि कोयला क्षेत्र की बदहाली को दूर करने के लिए सरकार शीतकालीन सत्र में कोयला उत्खनन संशोधन अधिनियम को संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए निजी कंपनियों कोयला क्षेत्र के दरवाजे खोलने का प्रावधान किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed