फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   unfinished tasks will get full importance in rail budget

रेल बजट में मिलेगा अधूरे कार्यों को पूरा महत्व

Wed, 20 Feb 2013 10:46 PM IST
नई दिल्ली/बृजेश सिंह
नई दिल्ली/बृजेश सिंह Updated Wed, 20 Feb 2013 10:46 PM IST
विज्ञापन
unfinished tasks will get full importance in rail budget

रेल बजट में साल दर साल जितनी योजनाओं की घोषणा की जा चुकी है, वर्तमान संसाधनों को देखते हुए उन्हें पूरा करने में मौजूदा रफ्तार से करीब सौ साल लग जाएंगे। इस बीच तमाम कई अन्य नई योजनाएं भी आ चुकी होंगी।

विज्ञापन


यह आशंका हकीकत में तब्दील न हो इसीलिए रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने अगले बजट में केवल उन्हीं योजनाओं को पूरा कराने पर जोर देने का फैसला लिया है जो पूरा होने के अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। रेलवे की वर्तमान में निर्माणाधीन कुल योजनाओं के लिए ही सवा लाख करोड़ रुपयों की जरूरत होगी। रेलवे की चालू परियोजनाएं मुख्यत: तीन तरह की हैं।
विज्ञापन


रेल विस्तार योजनाएं
रेल लाइनों के विस्तार पर रेलवे का सर्वाधिक जोर है। वर्तमान में नई रेल लाइनों की 132 योजनाओं पर काम चल रहा है। इसके साथ ही 42 स्थानों पर आमान परिवर्तन तथा 173 स्थानों पर लाइनों का दोहरीकरण किया जा रहा है। इसके तहत कुल 33071 किमी लाइनों का निर्माण होगा, जिस पर कुल दो लाख करोड़ से भी ज्यादा का खर्च आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन लाइनों का दो तिहाई से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। शेष काम के लिए 60791 करोड़ रुपये की जरूरत है। चालू वित्तीय वर्ष में रेलवे ने इस मद में कुल 12000 करोड़ रुपये जारी किए थे तथा कुल 2100 किमी लाइनों के विस्तार का लक्ष्य रखा था। पहली छमाही की प्रगति रिपोर्ट बहुत अच्छी नहीं थी। अगले साल के बजट में इस मद में कुछ अतिरिक्त आवंटन किए जाने की उम्मीद है। मगर साथ ही विस्तार की कई नई परियोजनाएं भी इसमें जुड़ जाएंगी।

विद्युतीकरण
रेल लाइनों के विद्युतीकरण का काम काफी धीमा है। पिछले पांच सालों में हर साल औसतन एक हजार रूट किमी के विद्युतीकरण का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया है। वर्तमान में 22224 रूट किमी रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो चुका है, जो कुल रेल लाइनों का 34 फीसदी है। बारहवीं पंचवर्षीय योजना में  रेलवे ने कुल 6500 किमी लाइनों के विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।

चालू वित्तीय वर्ष में जिन आठ लाइनों के विद्युतीकरण का काम पूरा होना है उसमें मुरादाबाद-लखनऊ-उतरटिया (348 किमी) तथा उतरटिया-सुल्तानपुर-मुगलसराय (297 किमी) भी शामिल है। पिछले बजट में इस मद में 758 करोड़ रुपये दिए गये थे, जिसे इस साल बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

रेल कारखाने
रेलवे अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में इस समय कुल 12 कारखानों की स्थापना कर रहा है। इनमें से ज्यादातर कारखानों में 50 से 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। रेल मंत्री इन कारखानों को जल्द से जल्द पूरा करके इनमें उत्पादन शुरू कराना चाहते हैं। इसमें रायबरेली स्थित रेल कोच फैक्ट्री भी है जिसके दूसरे चरण का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है।


रेल बजट में बढ़ाया जा सकता है भाड़ा
डीजल के बढ़े दामों के कारण आए दबाव से निपटने के लिए रेलवे 2013-14 के रेल बजट में भाड़े में मामूली बढ़ोत्तरी करने पर विचार कर रही है। रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार खाद्य अनाज, दालें, नमक, प्याज, आलू, चीनी, वनस्पति, गुड़ व चारे जैसी अनिवार्य वस्तुओं को छोड़कर सीमेंट, लौह अयस्क, व कोयला जैसे सामानों पर भाड़े में थोड़ी वृद्धि पर विचार हो रहा है। रेलवे ने पिछले साल छह मार्च को भाड़े में 20 फीसदी की वृद्धि की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed