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सांसदों के दबाव में रेल किराए में थोड़ी राहत

Tue, 24 Jun 2014 10:08 PM IST
Updated Tue, 24 Jun 2014 10:08 PM IST
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Under pressure from lawmakers little relief in rail fares

रेल मंत्रालय ने किराये में भारी वृद्धि के विरोध को देखते हुए अब मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) के आधार मूल्य को दोगुना करने का फैसला वापस ले लिया है।

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इसके अलावा उपनगरीय ट्रेनों में 80 किमी. तक सेकंड क्लास किराये में कोई वृद्धि नहीं लागू होगी। रेल मंत्रालय की ओर से सभी क्लास के टिकटों पर 14.2 फीसदी वृद्धि का फैसला 25 जून से लागू हो जाएगा।

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चुनावों को देखते हुए सरकार का यू टर्न

Under pressure from lawmakers little relief in rail fares

रेल किराये में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दलों के विरोध और हंगामे के बीच मंगलवार को महाराष्ट्र के सांसदों का प्रतिनिधि मंडल भी रेल मंत्री से मिला था।

भाजपा सांसद किरीट सोमैया के नेतृत्व में गए सांसदों ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव को देखते हुए रेलवे की ओर से उपनगरीय ट्रेनों और मासिक सीजन टिकट की दरों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग रखी गई थी।

रेल मंत्री ने सुबह इन सांसदों की मांग पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।

आज से महंगी हो जाएगी रेल यात्रा

Under pressure from lawmakers little relief in rail fares

20 जून को रेल किराये में वृद्धि के आदेश के अनुसार रेलवे ने मासिक सीजन टिकट पर बेस प्राइस 15 सिंगल टिकट के स्थान पर 30 सिंगल टिकट के कीमत के बराबर कर दिया था। इस वृद्धि के ऊपर टिकट की कीमत में हुई 14.2 फीसदी की बढ़ोतरी अलग से की गई थी।

विरोध को देखते हुए अब पहले की दर पर ही 14.2 प्रतिशत वृद्धि लागू की गई है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी यात्री ने पहले से तीन या छह महीने का अपना सीजन टिकट बनवा रखा है तो उससे कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं वसूला जाएगा। यह वृद्धि केवल नए सीजन टिकट जारी करने पर लागू होगी।

रेलवे इसके साथ ही उपनगरीय ट्रेनों के यात्रियों को भी राहत देने का फैसला लिया है। उपनगरीय ट्रेनों के सेकंड क्लास टिकट में 80 किमी. दूरी तक केटिकट पर कोई वृद्धि नहीं लागू होगी। यह फैसला रेलवे ने भाजपा, शिवसेना और सहयोगी दलों के दबाव में महाराष्ट्र चुनाव के मद्देनजर लिया है।

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