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5.5 फीसदी की दर से बढ़ सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Wed, 01 Oct 2014 08:58 AM IST
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केंद्र में स्थिर सरकार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के चलते वित्त वर्ष 2014-15 में भारत की विकास दर 5.5 फीसदी रह सकती है। यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (यूएन स्कैप) ने ऐसी उम्मीद जताई है।
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2014 में समाप्त वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 4.9 फीसदी थी, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 4.5 फीसदी थी। हालांकि, 2008 की वैश्विक मंदी से पहले भारत की विकास दर 9.5 फीसदी थी।
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यूएन स्कैप की रिपोर्ट के मुताबिक 2014 वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था की विकास दर 5.5 फीसदी रह सकती है। औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्रों के मजबूत विस्तार से अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। विकसित देशों में ऊंची ग्रोथ और कमजोर घरेलू मुद्रा के चलते निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। मई में नई सरकार के गठन के बाद आर्थिक सुधारों को गति मिली है। हालांकि, रिपोर्ट में समीक्षाधीन वर्ष में महंगाई दर 8.0 फीसदी के उच्च स्तर पर रहने की उम्मीद जताई गई है।
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स्कैप दक्षिण एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया के प्रमुख नागेश कुमार का कहना है कि 2014-15 में भारत की विकास दर 5.5 फीसदी से बेहतर रह सकती है। मेरा मानना है कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था 5.5 से 6.0 फीसदी की दर से वृद्धि करेगी। नई सरकार का मुख्य फोकस आर्थिक विकास और निवेशकों को अधिक से अधिक आकर्षित करने पर है। हालांकि, महंगाई एक बड़ी चिंता बनी रह सकती है। भारत की ग्रोथ में महंगाई एक बड़ी बाधा है। लेकिन इसमें नरमी आने के संकेत हैं। इस साल महंगाई दर 8.0 फीसदी पर रह सकती है।