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डियाजियो ने यूनाइटेड स्प्रिट्स को खरीदा

Fri, 09 Nov 2012 08:29 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 09 Nov 2012 08:29 PM IST
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ub group diageo agree on stake sale in united spirits

कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार दुनिया की सबसे बड़ी शराब कंपनी डियाजियो ने विजय माल्या के स्वामित्व वाली कंपनी यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड का अधिग्रहण कर लिया। डियाजियो ने यूनाइटेड स्प्रिट्स 53.4 फीसदी हिस्सेदारी 11,166.50 करोड़ रुपये में खरीदने की घोषणा की। इस सौदे से विजय माल्या को भारी कर्ज में डूबी अपनी कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस को उबारने में मदद मिल सकेगी।

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साझा बयान में ब्रिटिश कंपनी डियाजियो ने कहा कि उसने यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग्स लिमिटेड (यूबीएचएल) और यूनाइटेड स्प्रिट्स के साथ एक करार किया है। इसके अंतर्गत वह यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड (यूएसएल) में 27.4 फीसदी हिस्सेदारी 1,440 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से करीब 5,725.4 करोड़ रुपये में खरीदेगी। इसके आगे डियाजियो यूबीएचएल समूह से यूएसएल की 19.3 फीसदी हिस्सेदारी 1,440 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी।
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भारतीय लिकर बाजार के 50 फीसदी हिस्से में यूबी ग्रुप का कब्जा है, ऐसे में सौदा होने पर डियाजियो को भारत में एक बड़ा बाजार मिलेगा। डियाजियो की नजर भारत जैसे एशियाई देशों पर इसलिए भी है क्योंकि यहां का लिकर बाजार सालाना 41 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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दूसरी ओर, विजय माल्या कर्ज की अपनी देनदारियों के चलते डियाजियो के साथ सौदा करके उसे अपने यूबी ग्रुप की हिस्सेदारी बेचना चाहते थे। माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस कर्ज में बुरी तरह डूबी हुई है। इसके अलावा, यूबी ग्रुप की दूसरी कई कंपनियों के सिर पर भी भारी कर्ज है। 31 मार्च 2012 तक यूबी ग्रुप पर कुल करीब 23,000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।


इसमें यूनाइटेड स्प्रिट्स पर 8,500 करोड़ रुपये और यूनाइटेड ब्रेवरीज होल्डिंग पर 3,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में यूबी ग्रुप के मुनाफे का काफी बड़ा हिस्सा इन कर्जों का ब्याज चुकाने में ही चला जाता है। इसलिए इस सौदे के जरिये विजय माल्या को अपना कर्ज कम करने में तो मदद मिलेगी ही समूह की कंपनियों का मुनाफा भी बढ़ेगा। दूसरी ओर, किंगफिशर एयरलाइंस को भी दोबारा उड़ान भरने के लिए तुरंत 1,500 करोड़ रुपये की पूंजी की जरूरत है। इसमें भी यह सौदा मददगार होगा।

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