फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Business archives ›   twenty four hour electricity roadmap

जल्द ही इन 10 राज्यों में मिलेगी 24 घंटे बिजली

Wed, 30 Dec 2015 03:53 PM IST
Updated Wed, 30 Dec 2015 03:53 PM IST
विज्ञापन
twenty four hour electricity roadmap

वर्ष 2019 तक 24 घंटे सबको बिजली देने के उद्देश्य से उत्तराखंड समेत 10 राज्यों ने अपना रोडमैप तैयार कर लिया है। उम्मीद की जा रही है कि बचे हुए राज्यों के रोडमैप भी इस साल के अंत तक तैयार हो जाएंगे।

विज्ञापन


इस काम में विद्युत मंत्रालय उन राज्यों की मदद कर रहा है। वर्ष 2019 तक कम लागत वाले इंफ्रास्ट्रक्चर व स्वच्छ ऊर्जा की मदद से सबको 24 घंटे बिजली पहुंचाने का लक्ष्य विद्युत मंत्रालय ने तय किया है।
विज्ञापन


मंत्रालय के मुताबिक जिन राज्यों ने रोडमैप तैयार कर लिया है उनमें उत्तराखंड, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मेघालय, गोवा, झारखंड, असम, तेलंगाना, बिहार व छत्तीसगढ़ शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मोदी पहले ही कर चुके हैं घोषणा

twenty four hour electricity roadmap

वहीं बिजली से वंचित 18452 गांवों केविद्युतीकरण के लिए केंद्र व विभिन्न राज्य सरकार पूरी कोशिश में जुट गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से अगले 1000 दिनों में इन गांवों के विद्युतीकरण की घोषणा की थी।

इस घोषणा के मुताबिक मार्च, 2017 तक इन गांवों का विद्युतीकरण हो जाना चाहिए। विद्युत मंत्रालय के मुताबिक इन 18452 गांवों में अधिकतर गांव उड़ीसा, बिहार, असम, झारखंड व छत्तीसगढ़ के हैं।

मंत्रालय के मुताबिक इस लक्ष्य को हासिल करने का काम मिशन के रूप में किया जा रहा है और इसके तहत 309 ग्राम विद्युत अभियंताओं की नियुक्ति की गई है।

बिजली वितरण नेटवर्क बनाया जा रहा मजबूत

twenty four hour electricity roadmap

ये अभियंता विद्युतीकरण से संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। विद्युत मंत्रालय का मानना है कि राज्यों के सहयोग से ही मार्च 2017 तक 18452 गांवों के विद्युतीकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

मंत्रालय के मुताबिक 24 घंटे सबको बिजली उपलब्ध कराने के लिए ट्रांसमिशन व बिजली वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है।

इसके तहत कृषि फीडर्स को अलग किया जा रहा है ताकि सरकार की दीनदयाल उपाध्याय ग्राम विद्युत योजना (डीडीयूजीजेवाई) और इंटीग्रेटेड पावर डेवलपमेंट स्कीम (आईपीडीएस) के तहत  पर्याप्त व गुणवत्ता वाली बिजली की आपूर्ति हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed