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अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदों को झटका

Tue, 12 Feb 2013 11:25 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 12 Feb 2013 11:25 PM IST
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tremendous decline in industrial production

देश के आर्थिक विकास की रफ्तार अब तक पटरी पर नहीं आ सकी है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2012 में औद्योगिक उत्पादन दर में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर 2011 के मुकाबले उत्पादन विकास दर 0.6 फीसदी कम रही है।

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मैन्यूफैक्चरिंग, खनन, उपभोक्ता और पूंजीगत सामान के उत्पादन में गिरावट आने के कारण औद्योगिक उत्पादन दर में गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का उत्पादन 0.7 फीसदी घटा है। जबकि दिसंबर 2011 में यह 2.8 फीसदी बढ़ा था। इस दौरान खनन क्षेत्र की उत्पादन दर भी 4 फीसदी घटी है, जबकि इससे पूर्व में यह 3.3 फीसदी घटी थी। वहीं, बिजली उत्पादन दर 5.2 फीसदी से बढ़कर दिसंबर में 9.1 फीसदी हो गई है।
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दूसरी ओर, अप्रैल-दिसंबर 2012 के बीच औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 0.7 फीसदी रही है, जो कि इससे पूर्व वर्ष की समीक्षाधीन अवधि में 3.7 फीसदी रही थी। चालू वित्तीय वर्ष के पहले नौ माह में खनन क्षेत्र का प्रदर्शन 2.6 फीसदी नकारात्मक रहा है। जबकि 2011-12 के पहले नौ माह में यह 1.9 फीसदी नकारात्मक आंकी गई थी।
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मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का प्रदर्शन 4 फीसदी से घटकर 0.7 फीसदी हो गया है। बिजली उत्पादन 9.4 फीसदी से कम होकर 4.6 फीसदी रह गया है। इस बीच, सरकार ने नवंबर 2012 के औद्योगिक उत्पादन दर को संशोधित कर 0.84 फीसदी कर दिया है। जबकि शुरुआती अनुमान में इसे 0.01 फीसदी आंका गया था।

निवेश को दें प्रोत्साहन: रंगराजन

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी. रंगराजन ने कहा कि ऊंची विकास दर को फिर से हासिल करने के लिए निवेश को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। रंगराजन का आकलन दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर में 0.6 फीसदी की गिरावट के बाद पेश किया है।

रंगराजन ने कहा कि हमारी निवेश दर में गिरावट आई है, लेकिन अभी भी यह 30-32 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। हमें इस बात पर गौर करना होगा कि हम निवेश का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

यदि हम इन निवेशों को प्रोत्साहित करते हैं, तो ऊंची विकास दर की गति फिर से हासिल की जा सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले वित्तीय वर्ष में विकास दर 6-7 फीसदी के बीच रहेगी।

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