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2जी की अगली नीलामी के लिए 10 फीसदी ज्यादा कीमत की सिफारिश
नई दिल्ली/ एजेंसी
Updated Thu, 16 Oct 2014 08:56 AM IST
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दूरसंचार नियामक टेलीकॉम रेग्यूलेरिटी अथार्टी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने 2जी स्पेक्ट्रम (1800 मेगाहर्ट्ज) की अगले दौर की नीलामी के लिए 10 फीसदी अधिक कीमतों की सिफारिश की है।
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ट्राई ने कहा है कि अगले दौर की नीलामी में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में स्पेक्ट्रम उपलब्ध न होने के चलते इन क्षेत्रों के लिए बोली नहीं लगाई जाएगी। इससे स्पेक्ट्रम की नीलामी कीमतों में प्रति मेगाहर्ट्ज 2,138 करोड़ रुपये की कमी होगी। इसके बावजूद लाइसेंस सेवा क्षेत्रों में एयरवेज की नीलामी के मद्देनजर अगले चरण की नीलामी के लिए 10 फीसदी अधिक कीमतों की सिफारिश की जा रही है।
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कीमतों में बढ़ोतरी की सिफारिश आने वाले समय में पिछली अवधि की तुलना में डेटा यूज में बढ़ोतरी को देखते हुए की गई है। फरवरी में हुई नीलामी में सरकार को 1800 मेगाहर्ट्ज के एयरवेज के लिए प्रति मेगाहर्ट्ज 2,270.4 करोड़ रुपये की बोली मिली थी।
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ट्राई ने 900 मेगाहर्ट्ज बैंड के लिए 3,004 करोड़ रुपये प्रति मेगाहर्ट्ज की कीमत का सुझाव दिया है। इस बैंड के तहत 1800 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की तुलना में करीब दोगुने मोबाइल सिग्नल आते हैं। हालांकि इस प्रीमियम स्पेक्ट्रम के लिए कुल 22 सेवा क्षेत्रों में से 18 के लिए ही अगले चरण में बोली लगाई जानी है।
जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सेवा क्षेत्रों में यह स्पेक्ट्रम उपलब्ध न हाने के चलते इन क्षेत्रों के लिए बोली नहीं लगाई जाएगी। 900 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम के लिए नीलामी इसमें मौजूदा समय में काम कर रही कंपनियों एयरटेल, वोडाफोन, आईडिया सेल्यूलर, और रिलायंस कम्यूनिकेशंस के लाइसेंस 2015-16 में समाप्त होने के चलते की जानी है।