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सीमा पर गोलीबारी, भारत-पाक कारोबार को करेगी छलनी
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2013 08:55 PM IST
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नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ाने की उम्मीदों पर पानी फेर सकती है। भारत-पाक के बीच अमन की आस व्यापार में बढ़ोतरी पर टिकी है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में जिस तरह सीमा पर तनाव बढ़ा है, उससे कारोबार को नुकसान पहुंचना तय है।
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फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट प्रमोशन ऑर्गनाईजेशंस (फिओ) के महानिदेशक अजय सहाय का कहना है कि गत वित्त वर्ष के दौरान पाकिस्तान को भारत का निर्यात 19 फीसदी बढ़ा है, जबकि पाकिस्तान से होने वाले आयात में भी 29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
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इसके बावजूद पाकिस्तान ने अभी तक भारत को व्यापार के मामले में पसंदीदा देश (एमएफएन) का दर्जा नहीं दिया है। इसके लिए पाकिस्तान सहमति जता चुका है और गत दिसंबर तक यह दर्जा मिल जाना चाहिए था।
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सहाय मानते है कि सीमा पर तनाव का असर कारोबार पर पड़ रहा है। माहौल बिगड़ने की वजह से माल की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
पाकिस्तान में नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री बनने के बाद कारोबारी रिश्तों में सुधार की उम्मीद जगी थी, लेकिन स्थितियां बिल्कुल उलट साबित हो रही हैं।
फिलहाल पाकिस्तान ने भारत से करीब 11 सौ वस्तुओं के आयात पर पाबंदी लगाई हुई। एमएफएन का दर्जा मिलने से पाकिस्तान को भारत से ज्यादा वस्तुओं का निर्यात हो सकेगा।
पिछले साल सितंबर में इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई वाणिज्य सचिव स्तर की वार्ता में एक-दूसरे के यहां अपने बैंकों की शाखाएं खोलने, दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच ज्यादा उड़ानों को मंजूरी देने जैसे तमाम मुद्दों पर सहमति बनी थी।
इसी तरह वीजा की प्रक्रिया को सरल बनाने और कारोबार के लिए आवाजाही आसान करने के लिए कई कदम उठाए जाने थे। हाल की स्थितियों को देखते हुए ये मुद्दे ठंडे बस्ते में जा सकते हैं।
सीआईआई और फिक्की जैसे औद्योगिक संगठन पाकिस्तान के साथ पैदा तनाव के मुद्दे पर फिलहाल खामोश हैं। पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने की प्रक्रिया में शामिल लोगों का मानना है कि पिछले एक साल के दौरान महौल उत्साहजनक नहीं रहा है। दोनों देशों की ओर से व्यापारिक स्तर पर कोई बड़ी पहल नहीं की हुई है।
सीमेंट और कपास का व्यापार प्रभावित
भारत से पाकिस्तान को निर्यात होने वाली वस्तुओं में कपास, फल-सब्जियां, कैमिकल्स और मशीनरी व इंजीनियरिंग सामान प्रमुख हैं।
पाकिस्तान से सीमेंट, सूखे-मेवे, मसाले, कपड़ा भारत आता है। एलओसी पर बढ़ी तकरार का सबसे ज्यादा असर मुजफ्फराबाद से ऊरी के रास्ते ट्रकों से आने वाले सामान पर पड़ने की आशंका है। कई बार पाकिस्तान से भारत को प्याज और चीनी का आयात भी करना पड़ा है।