बिना मोबाइल और ऑफिस के करते हैं काम, फिर भी 60 हजार करोड़ का है कारोबार
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पदम भूषण रामामूर्ति थ्यागाराजन 60 हजार करोड़ की चेन्नई की कंपनी श्रीराम ग्रुप के चेयरमैन हैं। इनके बारे में खास बात यह है कि इनके पास कोई मोबाइल भी नहीं है।
साथ ही आपको बता दें कि थ्यागाराजन के पास न ही काम करने के लिए कोई अपना ऑफिस है, न ही कोई पर्सनल सेक्रेटरी। उनके पास है तो सिर्फ 'आइडिया'।
कॉर्पोरेट सिटीजन मैगजीन में छपे एक आर्टिकल के मुताबिक थ्यागाराजन उन लोगों को बिजनस चलाने के आइडिया देते हैं, जिनका बिजनेस डूब रहा होता है या फिर बहुत अच्छा परफॉर्म नहीं कर रहा होता है।
वित्तीय सेवाओं के मामले में थ्यागाराजन की विश्वसनीयता इतनी अधिक है कि पिरामल ग्रुप के प्रमुख अजय पिरामल ने श्रीराम ग्रुप में 4000 करोड़ रुपयों का निवेश किया हुआ है।
1961 में शुरू किया था करियर
थ्यागाराजन ने इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टिट्यूट से मैथमैटिक्स और मैथेमैटिकल स्टेटिक्स में मास्टर की डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने अपना करियर 1961 में शुरू किया था।
इन्होंने पहली नौकरी एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड में एक ट्रेनी ऑफिसर के रूप में की थी। 1974 में इन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर कमर्शियल फाइनेंशियल बिजनेस शुरू करने के लिए श्रीराम चिट की स्थापना की।
थ्यागाराजन ने लाइफसेल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पद भी अपनी सेवाएं दी हैं। इन्नोर कोक लिमिटेड (Ennore Coke Limited) के सलाहकार समिति में भी मेंबर रह चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने टीवीएस कैपिटल फंड्स लिमिटेड के डायरेक्टर की तरह भी काम किया है।