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त्योहारों पर हवाई यात्रा तीन गुना महंगी
नई दिल्ली/अजीत सिंह
Updated Tue, 23 Oct 2012 11:44 PM IST
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त्योहारों पर फ्लाइट पकड़कर घर लौटना इस साल और भी महंगा हो गया है। एयरलाइंस ने मेट्रो शहरों के बीच हवाई यात्रा 20-30 फीसदी महंगी कर दी हैं जबकि कई नॉन मेट्रो शहरों के लिए तीन गुना ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। दीपावली के मौके पर दिल्ली से गोरखपुर का इकोनॉमी क्लास का हवाई किराया 15 हजार रुपये हो गया है जबकि दशहरा पर दिल्ली से बनारस जाने के लिए 8-9 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
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यात्रियों को सस्ती हवाई सेवा मुहैया कराने के नाम पर शुरू हुईं लो-बजट एयरलाइंस किराया बढ़ाने में सबसे आगे हैं। कई रूटों पर इनके किराए एयर इंडिया से भी ज्यादा हैं। दीपावली से पहले 10 नवंबर को दिल्ली-लखनऊ का इकोनॉमी क्लास का सबसे कम 5,093 रुपये किराया एयर इंडिया का है, जबकि गोएयर का टिकट 6,865 रुपये और इंडिगो का 7,242 रुपये का मिल रहा है।
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यहां तक कि जेट एयरवेज का टिकट भी 5,512 रुपये का है। त्योहारी सीजन में ऐसे रूटों पर किराए सबसे ज्यादा बढ़ें हैं, जहां कम फ्लाइट हैं। दिल्ली से गोरखपुर जाने वाली जेट क्नेक्ट का 9 नवंबर को इकोनॉमी क्लास का टिकट 15,375 रुपये में मिल रहा, जबकि 5 दिसंबर को यही टिकट 4,114 रुपये का है।
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मनमाने तरीके से हवाई किराए बढ़ाने के मुद्दे पर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और केंद्र सरकार चुप्पी साधे हुए हैं। डीजीसीए से जुड़े अधिकारियों का कहना है एयरलाइंस के किराए तय करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। वे सिर्फ सुरक्षा संबंधी मामलों में दखल देते हैं।
बढ़े हवाई किराए से यात्रियों के अलावा टूर ऑपरेटर भी परेशान हैं। ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष इकबाल मुल्ला का कहना है कि मंदी के चलते ट्रैवल इंडस्ट्री पहले ही परेशानी में है। अब अगर एयरलाइंस कई गुना बढ़ा देंगी तो बहुत-से लोगों को अपने ट्रैवल प्लान बदलने पड़ेंगे। इससे ट्रैवल कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा।
त्योहारों के अलावा इस साल सर्दियों के दौरान प्रति सप्ताह करीब ढाई हजार कम उड़ानों को नागर विमानन महानिदेशालय की मंजूरी मिली है। किंगफिशर एयरलाइंस में चल रही तालाबंदी के अलावा विंटर शेड्यूल में जेट एयरवेज की प्रति सप्ताह 400 और स्पाइस जेट की 182 उड़ान कम हुई हैं। उड़ानों की कमी और त्योहारों के दौरान बढ़ मांग की असर हवाई किराए पर दिखना शुरू हो गया है।