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एनटीपीसी को फिर से मिलेंगे तीन कोल ब्लॉक
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jan 2013 10:22 PM IST
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नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) के जब्त किये गए तीन कोल ब्लॉक को उन्हें फिर से आवंटित किया जा सकता है। बिजली मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि इस प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद ब्लॉक पुर्नआवंटित हो सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बाबत कानूून मंत्रालय कल तक अपनी राय पेश कर देगा।
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सोमवार को इस मुद्दे पर वित्त मंत्री पी चिदंबरम के साथ हुई बैठक बाद उन्होंने मीडिया को यह जानकारी दी। बैठक बाद कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि एनटीपीसी के कोल ब्लॉक पुर्नआवंटित करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और मामले का निपटारा जल्द हो जाएगा।
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उन्होंने बताया कि तय समय के अंदर कोल ब्लॉक विकसित नहीं कर पाने के कारण एनटीपीसी को इन ब्लॉक से हाथ धोना पड़ा था। लंबी अवधि तक कोल ब्लॉक ठंडे बस्ते में पड़े रहने के कारण कोयला मंत्रालय ने वर्ष 2011 में एनटीपीसी को आवंटित तीनों ब्लॉक वापस ले लिया था। उल्लेखनीय है कि सरकार के इस निर्णय से एनटीपीसी के विनिवेश पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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दरअसल चालू वित्त वर्ष के अंत तक सरकार एनटीपीसी में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहती है। माना जा रहा है कि इस विनिवेश के जरिए 12,000 करोड़ रुपए उगाही हो सकती है। फिलहाल कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 84.5 फीसदी है। इसमें 9.5 फीसदी विनिवेश का प्रस्ताव रखा गया है। अगर देश की सबसे बड़ी पावर कंपनी के विनिवेश पर सहमति बन जाती है तो सरकार की हिस्सेदारी घटकर 75 फीसदी ही रह जाएगी।
गौरतलब है कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 30 हजार करोड़ रुपए विनिवेश का लक्ष्य रखा है। लेकिन करीब 7 हजार करोड़ रुपए का विनिवेश ही अब तक हो पाया है। जानकारों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में सरकार के विनिवेश लक्ष्य को पाना टेढ़ी खीर के समान है। फिलहाल एनटीपीसी और ऑयल इंडिया के विनिवेश से वित्त वर्ष में बड़ी रकम जुटाने की उम्मीद बंधी हुई है।