वेबसाइट बचाती है पैसे, तो कंपनियों ने किया केस
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अख्तारेर जमन (Aktarer Zaman) का मिशन लोगों को सस्ते और छोटे एयरलाइन रूट की जानकारी मुहैया कराना था। न्यूयॉर्क में रहने वाले 22 साल के जमन ने स्किपलेग्ड नाम की एक वेबसाइट (skiplagged) बनाकर इसे मुमकिन किया, जो यात्रियों को सस्ते एयरलाइन रूट की जानकारी देती है।
भले ही आपको यह आइडिया बहुत अच्छा लगा हो, लेकिन ऑर्बिट्ज और यूनाइटेड एयरलाइंस को ऐसा नहीं लगता है। जमन की इस वेबसाइट पर इन दोनों दिग्गज कंपनियों ने केस कर दिया है।
इन कंपनियों का कहना है कि जमन की वेबसाइट उनके बिजनेस को नुकसान पहुंचा रही है। इन दोनों कंपनियों की तरफ से इस नुकसान की भरपाई के लिए जमन से 75 हजार डॉलर के हर्जाने की मांग की गई है।
इस वेबसाइट के जरिए लोगों को बताया जाता है कि वह किस तरह से कम पैसों में हवाई यात्रा करें। इसमें 'हिडेन सिटी' नाम के रूट्स का इस्तेमाल करके लोगों को सस्ती यात्रा का फायदा पहुंचाया जाता है।
कैसे काम करती है ये वेबसाइट
आप इस वेबसाइट पर जाकर अपने डेस्टिनेशन (आपको जहां जाना है) का रूट खोज सकते हैं। वेबसाइट आपको एक ऐसा रूट दिखाएगी, जिससे आप अपने डेस्टिनेशन तक कम पैसे खर्च करके पहुंच सकते हैं।
इसका एक उदाहरण यह हो सकता है कि जहां आपको जाना है वहां की टिकट बुक न कराकर किसी दूसरे एयरपोर्ट तक की टिकट बुक कराएं, लेकिन ध्यान रहे कि वह प्लेन जहां आपको जाना है, वहां पर रुकता जरूर हो।
जब आपका प्लेन आपके डेस्टिनेशिन पर रुके तो आप वहां उतर जाएं और फिर प्लेन में वापस न चढ़ें। ध्यान रहे कि इसका फायदा सिर्फ तभी उठाया जा सकता है जब आपके पास कोई बैग वगैरह न हो।
यह वेबसाइट हिडेन सिटी रूट्स के हिसाब से आपको टिकट बुक कराने की जानकारी देती है। आपको बता दें कि इस वेबसाइट से टिकट बुक कराने की जानकारी लेने के बाद आप 80 प्रतिशत तक पैसों की बचत कर सकते हैं।
केस के बाद ट्रैफिक ने लगाई छलांग
आपको बता दें कि जबसे इन एयरलाइन कंपनियों ने इस वेबसाइट को लेकर जमन पर केस किया है, तब से इस वेबसाइट की तरफ लोगों का रुझान और अधिक बढ़ गया है। इस समय इस वेबसाइट को हर रोज 10 लाख से भी अधिक लोग देख रहे हैं।
जमन ने यह माना है कि इस केस की वजह से वह काफी परेशान हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा है कि अभी इस वेबसाइट को बंद करने का उनका कोई इरादा नहीं है।
जमन ने लोगों से इस केस का हर्जाना चुकाने के लिए दान देने की पेशकश भी की है। आपको बता दें कि इसके लिए इन्होंने गोफंडमी (GoFundMe) नाम की एक वेबसाइट भी बनाई है। अब तक जमन को 65 हजार डॉलर से भी अधिक मिल चुके हैं।