{"_id":"d9f24566-81d1-11e2-9052-d4ae52bc57c2","slug":"this-defense-budget-is-deserve-to-welcome","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वागत योग्य है यह रक्षा बजट","category":{"title":"Business archives","title_hn":"बिज़नेस आर्काइव","slug":"business-archives"}}
स्वागत योग्य है यह रक्षा बजट
वीके सिंह, पूर्व रॉ अधिकारी व रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटा.)
Updated Thu, 28 Feb 2013 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बजट में रक्षा के लिए दो लाख करोड़ से ज्यादा खर्च करने का सरकार का फैसला स्वागत योग्य है। अर्थव्यवस्था की तंगहाली की वजह से सेना के आधुनिकीकरण की सभी योजनाएं लगभग ठप पड़ गई हैं। सरकार इस बजट के साथ जल्द से जल्द बड़ी खरीदारी की शुरुआत करनी चाहिए क्योंकि सेना के ज्यादातर हथियार और गोला बारूद पुराने पड़ गए हैं। लेकिन सरकार को ध्यान रखना होगा कि भ्रष्टाचार के मामलों की वजह से कोई भी डील रद्द नहीं हो।
विज्ञापन
सरकारी खरीद प्रक्रिया की वजह से किसी भी डील पर फैसला करने में सालों लग जाते हैं। खरीदारी के अंतिम चरण में भ्रष्टाचार के मामलों के सामने आने के बाद उस डील को रद्द करना उचित नहीं। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौति है कि वह रक्षा उपकरणों को किसी तरह सेना में शामिल करे। भ्रष्टाचार के निबटने के लिए सरकार को अलग से उपाय करने होंगे।
विज्ञापन
सरकार को चाहिए कि देश के भीतर ही रक्षा उत्पादों को बढ़ावा दे। लेकिन इसके बजाए सरकार उन देशों से सौदा करती है जो भारत से काफी छोटा है। अपने देश में डीआरडीओ सहित ऐसी कई सक्षम संस्थाएं हैं जो रक्षा उत्पाद में पूरी दुनिया से मुकाबला कर सकती हैं। लेकिन इनके आयात की वजह से ही दलाली जैसे मामले सामने आते हैं। सरकार को इन मामलों पर खास तौर पर ध्यान देने की जरुरत इसलिए है कि चीन अपनी रक्षा क्षमता में तेजी से बढोत्तरी कर रहा है। भारत के लिए चिंता का सबब पाकिस्तान नहीं बल्कि चीन है।
विज्ञापन