जानिए 1 अप्रैल से क्या हुआ सस्ता और महंगा
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रेलवे में अभी तक 60 दिन एडवांस में टिकट बुक कराई जा सकती थी, लेकिन 1 अप्रैल से 120 दिन पहले रिजर्वेशन किया जा सकेगा। हालांकि, इससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है।
रेलवे का मानना है कि इससे दलालों पर लगाम कसी जा सकेगी और असली यात्रियों को सुविधा का लाभ मिल सकेगा। यह नया नियम लोगों के लिए कितना फायदेमंद होगा, ये तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।
प्लेटफॉर्म टिकट हुआ महंगा
1 अप्रैल से प्लेटफॉर्म टिकट भी महंगा हो गया है। अब तक जो प्लेटफॉर्म टिकट 5 रुपए का मिलता था, अब उसके लिए 10 रुपए चुकाने होंगे।
बैंक वसूलेंगे अधिक पैसे
प्राइवेट बैंक के ग्राहकों के लिए नया वित्त वर्ष पेनाल्टी और चार्जेज से भरा हुआ होने वाला है। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक ने अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस न होने की स्थिति में 1 अप्रैल से फाइन लगाने की घोषणा पहले ही कर दी थी।
चेक से ट्रांजैक्शन न करके ऑनलाइन बैंकिंग करने वालों पर भी कुछ नए चार्जेज लगने वाले हैं। पिछले साल नवंबर में भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 अप्रैल से न्यूनतम बैलेंस न रखने वाले ग्राहकों पर बैलेंस के अनुपात में ही फाइन लगाने को अनिवार्य करने के लिए कहा था।
अब तक यह चार्जेज 100 रुपए से लेकर 4000 रुपए तक लगते थे। अब इन चार्जेज को अनुपात में लगाना अनिवार्य करने की वजह से बैंकों की कमाई घट जाएगी, जिसके चलते बैंक अलग तरह के चार्जेज लगाने की तैयारी में हैं।
खाने-पीने की चीजें होंगी महंगी
खाने-पीने की वस्तुओं, खास कर डिब्बा बंद या प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) खाद्य पदार्थ में महंगाई का एक और झटका झेलने के लिए तैयार रहिए, क्योंकि बुधवार से इन वस्तुओं की ढुलाई पर सर्विस टैक्स लगने वाला है।
अभी तक खाने-पीने की सभी वस्तुएं इसके दायरे से बाहर थीं, लेकिन इस बार बजट में सरकार ने चावल, दाल, आटा, दूध और नमक को छोड़ कर अन्य सभी खाद्य वस्तुओं पर सर्विस टैक्स लगा दिया है। हालांकि एसी रेस्तरां में खाना-पीना महंगा नहीं होगा, क्योंकि इस पर लगने वाला सर्विस टैक्स अभी नहीं बढ़ेगा।
एसी रेस्तरां में खाना-पीना महंगा नहीं
जेटली ने बजट भाषण में सर्विस टैक्स की दरें 12.36% से बढ़ा कर 14% करने और स्वच्छ भारत सेस लगाने समेत कुछ अन्य कदमों की भी घोषणा की थी। फिलहाल यह फैसला लागू नहीं हो रहा है।
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इसका प्रावधान वित्त विधेयक 2015 में किया गया है जो कि अभी संसद से पारित नहीं हुआ है। संसद से पारित होने के बाद उस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होंगे। फिर उसके अनुरूप अधिसूचना जारी की जाएगी।
जून तक इस बारे में भी अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। तब एसी रेस्तरां में खाने पीने से लेकर अन्य सेवाओं पर सर्विस टैक्स की दर बढ़ जाएगी।
हवाई यात्रा हुई महंगी
सर्विस टैक्स के मामले में 1 अप्रैल से लागू होने वाले फैसले की वजह से हवाई जहाज में बिजनेस क्लास में यात्रा महंगी हो गई है क्योंकि इसी दिन से इस पर टैक्स बढ़ जाएगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वर्ष 2015-16 का बजट पेश करते हुए सर्विस टैक्स में तीन श्रेणी में फैसला लिया था। पहली श्रेणी का फैसला एक मार्च 2015 से लागू हो गया है, जिसमें सर्विस टैक्स के भुगतान की जिम्मेदारी एग्रीगेटर पर डालने समेत कुछ अन्य निर्णय हैं।
दूसरी श्रेणी के फैसले 1 अप्रैल 2015 से लागू हो रहे हैं जबकि तीसरी श्रेणी के फैसले के लागू होने की तिथि की घोषणा वित्त मंत्रालय बाद में करेगा।
'क्लास' के हिसाब से सर्विस टैक्स
वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस समय खाद्य पदार्थों की ढुलाई चाहे रेलवे से हो रही हो या सड़क या फिर जल मार्ग से, सर्विस टैक्स के दायरे से बाहर थी, लेकिन अब सिर्फ चावल, दाल, आटा, दूध और नमक की ढुलाई पर ही छूट मिलेगी।
शेष खाद्य पदार्थों पर नियमानुसार सर्विस टैक्स देय होगा। मतलब चाय पत्ती से लेकर जैम, जैली जैसे प्रसंस्कृत उत्पाद हो या आलू, प्याज, चना, मसूर की ढुलाई, सभी पर सर्विस टैक्स लगेगा। जाहिर है कि इससे कीमतें बढ़ेंगी।
यही नहीं, अभी तक हवाई जहाज में इकोनॉमी और बिजनेस, दोनों क्लासों में एक समान सर्विस टैक्स लगता था लेकिन एक अप्रैल 2015 से बिजनेस क्लास पर सर्विस टैक्स की दर बढ़ा दी गई है।
प्रॉपर्टी पर अभी नहीं बढ़ेगा सर्विस टैक्स
प्रॉपर्टी की खरीदारी भी महंगी नहीं होगी, क्योंकि इस पर सर्विस टैक्स फिलहाल पुरानी दर यानी 12.36 फीसदी पर बरकरार रहेगा। बजट के संसद में पारित होने और राष्ट्रपति की इस पर मंजूरी के बाद ही इस पर 14 फीसदी की नई दर लागू होगी।
चिड़ियाघर घूमना हुआ सस्ता
कुछ सेवाओं पर बुधवार से ही टैक्स छूट भी मिलने लगेगी। इनमें फलों-सब्जियों की पैकिंग, वरिष्ठ नागरिक बीमा योजना, संग्रहालय, चिड़ियाघर, राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में भ्रमण आदि शामिल हैं।
कुछ चीजें होंगी सस्ती
सीए सत्येंद्र जैन के अनुसार प्रॉपर्टी की खरीदारी पर प्रस्तावित नई दर से सर्विस टैक्स बजट के राष्ट्रपति से मंजूर होने के बाद ही लागू होगी। नए वित्त वर्ष में कुछ चीजें सस्ती भी होंगी। वरिष्ठ पेंशन बीमा योजना को सर्विस टैक्स से छूट दे दी गई है।
इसके अलावा कारोबारियों द्वारा मिल कर लगाए जाने वाले इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट पर भी सर्विस टैक्स से छूट मिलेगी। फलों को पकाने की सेवा, फल-सब्जी की पैकिंग, वैक्सिंग, लेबलिंग को भी सर्विस टैक्स से छूट मिली है।
सबसे अच्छी बात तो यह है कि संग्रहालय, चिड़ियाघर, राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व में भ्रमण करना अब सस्ता होगा, क्योंकि इन्हें सर्विस टैक्स से छूट दे दी गई है। एंबुलेंस सेवा को भी इस टैक्स से छूट मिली है।