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देश में बिजली संकट, NTPC के पास सिर्फ 7 दिन का कोयला

Fri, 18 Jul 2014 10:55 AM IST
Updated Fri, 18 Jul 2014 10:55 AM IST
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then electricity has gone entire country

चिलचिलाती गर्मी के बीच पूरे देश में बिजली का संकट और गहराने की आशंका है। देश के करीब आधे ताप बिजली उत्पादन संयंत्र कोयले की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं।

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देश में 46 बिजली संयंत्रों के पास सात दिन से भी कम का कोयला स्टॉक में है। इस संकट को लेकर बिजली उत्पादन करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) ने सरकार को आगाह भी कर दिया है। कंपनी के छह बड़े पावर प्लांट के पास तो केवल दो दिन के कोयले का ही स्टॉक है।
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सूत्रों के अनुसार एनटीपीसी ने ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल को पत्र में लिखा है कि कंपनी के छह बड़े प्लांट के पास केवल दो दिन का कोयला स्टॉक है। मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में कोयले की आपूर्ति करना भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। जिसे देखते हुए बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति के बारे तुरंत कदम उठाए जाने की जरूरत है।
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कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पिछले दो-ढाई साल में 4-6 दिन का कोयला स्टॉक में उपलब्ध रहा है। अब स्थिति दो दिन पर आ गई है। जिसे देखते हुए कंपनी ने यह कदम उठाया है।

कोयले से होता है 15 फीसदी बिजली का उत्पादन

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कंपनी के छह प्लांट की क्षमता देश में कोयले से बिजली उत्पादन क्षमता का करीब 15 फीसदी है जिसके जरिए 16840 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के अनुसार देश में 100 में से 46 बिजली संयंत्रों के पास सात दिन से भी कम का कोयला स्टॉक बचा है। बिजली संयंत्रों में कोयले की किल्लत की बात सरकार ने भी बृहस्पतिवार को मानी। ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में कहा है कि देश में करीब 45 पॉवर प्लांट के पास 7 दिन से भी कम का कोयला बचा है।

कोयला उत्पादन बढ़ाने पर जोर

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ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक सरकार कोयले की आपूर्ति के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की कोशिश कर रही है। कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए भी तमाम कदम उठाए जा रहे हैं।

यहां ज्यादा संकट
जिन 46 बिजली संयंत्रों के पास सात दिन से भी कम का कोयला स्टॉक में है, उनमें से आधे प्लांट एनटीपीसी के हैं। कंपनी के झज्जर, रिहंद, सिंगरौली, कोरबा, सीपत, विंध्याचल, सिम्हाद्री, रामागुंडम प्लांट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं जिनकी बिजली उत्पादन क्षमता 20,940 मेगावाट है।

बारिश से आपूर्ति पर पड़ेगा असर
बिजली संयंत्रों को मालगाड़ी से कोयले की आपूर्ति की जाती है। लेकिन मानसून के कारण कोयले की आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

आपूर्ति बढ़ाने के लिए आईएमजी

कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सरकार ने 25 जून को एक अंतर मंत्रालयी समूह का गठन किया है। जो कोयले का उत्पादन बढ़ाने और लिंकेज को बेहतर करने पर फैसला करेगा, जिससे कि कोयले की आपूर्ति लागत में कमी आएगी।

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