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दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन को लगा झटका

Tue, 20 Oct 2015 05:01 AM IST
Updated Tue, 20 Oct 2015 05:01 AM IST
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The world second largest economy of China began to blow

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश चीन की दिक्कतें आर्थिक मोर्चे पर गहराती ही जा रही हैं। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष (2015-16) की तीसरी तिमाही में चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर गिरकर 6.9 फीसदी पर आ गई है। यह वर्ष 2009 के वित्तीय संकट के बाद का सबसे निचला स्तर है।

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जीडीपी में यह गिरावट चीन की सरकार को अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए नए सिरे से राहत पैकेज की घोषणा करने के लिए मजबूर कर सकती है।

चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टेटिस्टिक्स (एनबीएस) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक तीसरी तिमाही में आर्थिक विकास दर चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रही 7 फीसदी की दर से भी नीचे गिरकर सामने आई 6.9 फीसदी पर आ गई। जीडीपी की वृद्धि दर में आई इस गिरावट की वजह चीन से किए जाने वाले निर्यात में आई कमी को बताया जा रहा है।

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निर्यात में कमी से लगा झटका

The world second largest economy of China began to blow

एनबीएस के मुताबिक तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी 48.78 लाख करोड़ युआन (497.04 लाख करोड़ रुपये) पर रही, जोकि 7.68 लाख करोड़ डॉलर के बराबर बैठती है। वर्ष 2009 के आर्थिक संकट के बाद यह दूसरा मौका है जब चीन की तिमाही आर्थिक विकास दर 7 फीसदी के स्तर से नीचे आई है।

आंकड़ों के मुताबिक तीसरी तिमाही के दौरान चीन से कुल 17.87 लाख करोड़ युआन का निर्यात हुआ। इस तरह सालाना आधार पर निर्यात की वृद्धि दर 7.9 फीसदी रही।

एनबीएस के प्रवक्ता सेंग लाइयुंग का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की रिकवरी में सुस्ती जैसे ग्लोबल कारणों का भी असर जीडीपी पर पड़ा है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना का चीन में कमोडिटी की कीमतों, शेयर बाजार और मुद्रा बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

इसके चलते कई देशों द्वारा अपनी मुद्रा का अवमूल्यन किए जाने से चीन से होने वाले निर्यात में भी गिरावट आई है। निर्यात में कमी होने से अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, क्योंकि निर्यात चीन की अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाला तीसरा आधार स्तंभ है।

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