देश का खजाना भरेंगी यहां की महिलाएं
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लोगों को सर्विस टैक्स वीसीईएस के फायदे समझाने का अभियान हो या मोटी कमाई और खर्च करने वालों को आयकर के दायरे में लाने की कोशिश, देश का राजस्व बढ़ाने की कमान महिलाओं के हाथ में है।
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) में अध्यक्ष जेएम शांति सुंदरम समेत 7 में से 5 सदस्य महिलाएं हैं। जबकि आयकर जैसे प्रत्यक्ष करों की सर्वोच्च संस्था केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के बोर्ड चार में से दो महिलाएं हैं।
इनकी मेहनत से मिलेगी कामयाबी
यानी अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष करों के संग्रह की दो सबसे बड़ी संस्थाओं की कमाई न केवल महिलाओं के हाथ में है, बल्कि ये महिला अधिकारी अपनी छाप छोड़ने में भी पीछे नहीं हैं। जिस दौर में अर्थव्यवस्था की विकास दर 5 फीसदी से भी नीचे आ गई है, राजस्व संग्रह के मामले में सरकार 10 फीसदी से ऊपर का लक्ष्य लेकर चल रही है।
पिछले साल भी आर्थिक सुस्ती के गिरफ्त के बावजूद सरकार ने राजस्व संग्रह बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है। सर्विस टैक्स के प्रति लोगों को जागरूक करने और टैक्स भरने के लिए प्रेरित करने में भी सरकार के अभियान सफल साबित हुए हैं।