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नवंबर में बढ़ गई नौकरियों की रफ्तार
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 11 Dec 2013 02:17 AM IST
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नियुक्तियों के मामले में गत नवंबर महीना बहुत अधिक उत्साहजनक नहीं रहा। हालांकि, अक्तूबर 2013 के मुकाबले गत नवंबर में नियुक्ति गतिविधियों में 1 फीसदी की मामूली वृद्धि जरूर हुई है।
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जॉब पोर्टल नौकरी डॉट कॉम के सर्वे के मुताबिक इंडस्ट्री में नियुक्तियों को लेकर सेंटीमेंट तो सकारात्मक रहा लेकिन नियुक्तियां कम हुईं। पोर्टल के मुताबिक दुनिया भर में अनिश्चितताओं के बावजूद 2014 में देश के लिए नियुक्ति का आउटलुक सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
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मासिक आधार पर ऑनलाइन नियुक्ति संबंधी गतिविधियां व्यक्त करने वाला नौकरी जॉब स्पीक इंडेक्स अक्तूबर 2013 के मुकाबले गत नवंबर में एक फीसदी बढ़कर 1,300 पर पहुंच गया। हालांकि सालाना आधार पर नवंबर 2013 में नियुक्ति गतिविधियों में नवंबर 2012 के मुकाबले 16 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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सेक्टर के आधार पर नियुक्ति की भावना सकारात्मक रही लेकिन नियुक्तियां कमजोर रही। सिर्फ आईटी सॉफ्टवेयर में तेजी देखी गई, जिसका सूचकांक इस साल अक्तूबर के मुकाबले गत नवंबर में 10 फीसदी बढ़ गया। बीमा और दूरसंचार जैसे क्षेत्रों में दो अंकों की कमी आई और इसी अवधि में सूचकांक क्रमश: 29 फीसदी और 17 फीसदी कम हो गया।
इंफो एज (इंडिया) लिमिटेड के ग्रुप प्रेसिडेंट फाइनेंस और सीएफओ अंबरीश रघुवंशी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय परिवर्तन के मुहाने पर है क्योंकि आम चुनाव होने वाले हैं। दुनिया भर में अनिश्चितताओं के बावजूद 2014 में देश के लिए नियुक्ति का आउटलुक सकारात्मक लगता है।
नौकरी जॉब स्पीक इंडेक्स पिछले दो महीने में ऊपर गया है और इससे 2014 में नियुक्ति की स्थिति बेहतर लगती है। अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की नजर भारत पर है और यह इसे अहम विकास के बाजार के रूप में देखती हैं। नई टेक्नोलॉजी और बिजनेस मॉडल के सामने आने से भारत एक टैलेंट पावर हाउस के रूप में उभरा है। भारत में अगले साल नियुक्ति के मामले में हमें तेजी की उम्मीद है।
कोलकाता में सबसे अधिक सुधार
मेट्रो शहरों में नियुक्तियों में सबसे ज्यादा सुधार कोलकाता में हुआ है। अक्तूबर 2013 के मुकाबले नवंबर 2013 में 14 फीसदी सुधार हुआ है। इसके बाद पुणे और हैदराबाद का स्थान है, जहां नियुक्ति में वृद्धि मासिक आधार पर क्रमश: 8 फीसदी और 7 फीसदी रही।
मेट्रो शहरों में बंगलूरू और चेन्नई में सबसे मामूली विकास हुआ है और सूचकांक क्रमश: 7 फीसदी और 2 फीसदी बढ़े हैं। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में मासिक आधार पर सूचकांक में 2 फीसदी की कमी आई।