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टेलीकॉम क्षेत्र से युवाओं को साधने की होगी कवायद

Wed, 09 Jul 2014 09:16 AM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला दिल्ली
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला दिल्ली Updated Wed, 09 Jul 2014 09:16 AM IST
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telecom sector will get major boost in budget

 बजट में देश के सभी ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने और साधारण फोन से मोबाइल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार का खाका भी सरकार पेश कर सकती है। मोदी सरकार से दूरसंचार क्षेत्र ने भी बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं। ब्रॉडबैंड हाईवे बनाने की योजना में निजी क्षेत्र जहां सरकार के साथ अपनी भागीदारी की उम्मीद कर रहा है, वहीं रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स पर भी बजट में सरकार की तरफ से स्पष्ट नीति की अपेक्षा कर रहा है।

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दूरसंचार मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सरकार की प्राथमिकता शुरू से ही तय है। गांव-गांव तक ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने के साथ-साथ देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैैक्चरिंग सुविधाएं विकसित करना प्रमुख एजेंडा है। इस संबंध में सरकार मैन्यूफैक्चरिंग सेवाएं विकसित करने पर बजट में इनसेंटिव की भी घोषणा कर सकती है।

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दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद इस बात का पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि साल 2016-17 तक देश की 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। ऐसे में बजट में सरकार निवेश के लिए जुटाई जाने वाली पूंजी के संबंध में अपनी नीति पेश करेगी।
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सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यू ने अमर उजाला को बताया कि इंडस्ट्री ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंचाने में अपनी भागीदारी चाहती है। हमारी मांग है कि सरकार इस योजना के लिए सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) मॉडल को अपनाए। इसके अलावा इंडस्ट्री विद होल्डिंग टैक्स में एक फीसदी तक की कमी लाने की भी मांग कर रही है।

इस टैक्स के जरिए छोटे रिटेलर्स पर खास तौर से मार पड़ रही है।मैथ्यू के अनुसार नई सरकार से हमें कई सारी उम्मीदें हैं। खास तौर से इंडस्ट्री रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स को लेकर स्पष्टता चाहती है। इसके अलावा गुड्स सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) को जल्द अमल में लाया जाता है, तो उसका भी लाभ इंडस्ट्री के साथ-साथ उपभोक्ता को मिलेगा।


सरकार को टेलीकॉम इंडस्ट्री के लिए कंपोनेंट निर्माण को बढ़ावा देने के कदम उठाने चाहिए। इसका खास तौर से देश में मोबाइल हैंडसेट के निर्माण को फायदा मिलेगा।इसके अलावा सेनवैट दरों और स्पेक्ट्रम नीति को लेकर भी सरकार से सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

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