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टीसीएस का दायरा बढ़ा तो चौपट हो जाएगा कारोबार
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2013 11:54 PM IST
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एक तरफ जहां बुलियन कारोबार में गिरावट का दौर जारी है, वहीं दस ग्राम से नीचे के नकदी कारोबार को टीसीएस (उपभोक्ता से टैक्स संग्रह) के दायरे में लाने से कारोबारी हैरान हैं।
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कारोबारियों का कहना है कि इससे फुटकर खरीदारी प्रभावित होगी। अब उपभोक्ताओं को एक फीसदी का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
दरअसल, अभी तक दस ग्राम से नीचे का बुलियन या ज्वेलरी नकदी में खरीदने पर उपभोक्ताओं को एक फीसदी की छूट मिली थी। केंद्र सरकार ने अब इस छूट को हटा लिया है। सरकार की दलील है कि इससे इस क्षेत्र में खपाई जा रही ब्लैक मनी को रोका जा सकेगा।
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कारोबारी अंशुमान पुरोहित का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खरीदारी प्रभावित होगी। मौजूदा दर पर अब उपभोक्ताओं को 280 रुपये प्रति दस ग्राम का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
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द बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन, कूंचा महाजनी के योगेश सिंघल का कहना है कि सरकार फुटकर कारोबारियों का दम तोड़ना चाहती है। शायद ही कोई ऐसा व्यापार हो, जिसमें सारी खरीद-फरोख्त चेक या कार्ड से होती हो। लेकिन हमसे यह अपेक्षा की जा रही है। सरकार को अगर ब्लैक मनी रोकनी है तो दूसरे विकल्प भी हैं।