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मिडिल क्लास के लिए खोला कर छूट का पिटारा

Fri, 11 Jul 2014 12:20 AM IST
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, नई दिल्ली
सुजय मेहदूदिया/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 11 Jul 2014 12:20 AM IST
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tax exemption for middle class

मोदी सरकार के पहले बजट में बड़ी-बड़ी लोक लुभावन घोषणाएं भले नहीं की गईं, पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मध्यम वर्गीय (मिडिल क्लास) कर दाताओं के लिए कर छूट का पिटारा जरूर खोला। बृहस्पतिवार को पेश बजट में आयकर छूट की सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये सालाना करने की घोषणा की गई। वरिष्ठ आयकर दाताओं के लिए यह सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई। हालांकि आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत मिलने वाली आयकर छूट में 50 हजार रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे एक लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया। अपना पहला बजट पेश करते हुए जेटली ने अपने रहने के लिए मकान खरीदने पर होम लोन के ब्याज की अदायगी पर आयकर छूट को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया। विदेश जाने वालों को वित्त मंत्री ने कुछ ज्यादा शॉपिंग का मौका देते हुए अपने साथ 45 हजार रुपये तक का सामान लाने की छूट दी है।
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अबतक यह सीमा 35 हजार रुपये की थी। पब्लिक प्राविडेंट फंड (पीपीएफ) में निवेश की सीमा को एक लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। इससे वेतनभोगी वर्ग को कर बचत करने में काफी राहत मिलेगी। बजट में टैक्स की अदायगी में दी गई इस राहत से करीब दो करोड़ आयकर दाताओं को लाभ मिलेगा। कर छूट में दी गई इस राहत से सरकार को करीब 22,200 करोड़ रुपये की राजस्व हानि होने का अनुमान है।
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आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं

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व्यक्तिगत आयकर दाताओं को बजट में आयकर में छूट में 50 हजार रुपये की राहत तो दी गई है, पर आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे आयकर अदायगी का दायरा 2 लाख से ऊपर उठ कर ढाई लाख रुपये पर तो आ गया है, पर आयकर की दरें जस की तस बरकरार हैं।

आयकर की मौजूदा दरें 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक 10 फीसदी, 5 लाख से 10 लाख पर 20 फीसदी और 10 लाख से ऊपर के लिए 30 फीसदी हैं। सभी करदाताओं पर लागू 3 फीसदी के शिक्षा अधिकर (एजुकेशन सेस) में कोई राहत न देते हुए इसे भी जस का तस रखा रखा गया है।

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