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सिंगापुर एयरलाइंस से टाटा ने मिलाया हाथ

Thu, 19 Sep 2013 08:37 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 19 Sep 2013 08:37 PM IST
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tata singapore airlines join hands again for a new carrier

देश में किफायती विमानन सेवा के लिए मलयेशिया की कंपनी एयरएशिया के लिए समझौता कर चुके टाटा समूह ने अब फुल सर्विस एयरलाइंस शुरू करने की खातिर सिंगापुर एयरलाइंस के साथ हाथ मिलाया है।

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टाटा संस की ओर से जारी बयान के मुताबिक नई एयरलाइन के लिए दोनों पक्षों में सहमति पत्र पर दस्तखत हो चुके हैं। टाटा संस की नई एयरलाइन का परिचालन दिल्ली में होगा और वह फुल सर्विस मॉडल पर संचालित होगी।
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इस साझा उपक्रम में टाटा संस की हिस्सेदारी 51 फीसदी और सिंगापुर एयरलाइंस की 49 फीसदी होगी। टाटा संस ने नई एयरलाइन का प्रस्ताव मंजूरी के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के पास भेज दिया है।
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कंपनी का कहना है कि नई एयरलाइन के प्रारंभिक बोर्ड में टाटा संस की ओर से दो और सिंगापुर एयरलाइंस की ओर से एक सदस्य नामित किए जाएंगे। नई एयरलाइन के बोर्ड के चेयरमैन प्रसाद मेनन होंगे।


इस समझौते के बारे में प्रसाद मेनन ने कहा कि टाटा संस के मूल्यांकन के अनुसार देश में सिविल एविएशन के विकास की पर्याप्त क्षमता है।

अब हमारे पास देश में एक विश्वस्तरीय फुल सर्विस एयरलाइंस शुरू करने का अवसर है। हमें इस बात की खुशी है कि हम इसके लिए विश्वस्तरीय सिंगापुर एयरलाइंस के साथ समझौता कर रहे हैं।

वहीं, सिंगापुर एयरलाइंस के सीईओ गोह चून फोंग ने कहा कि हमारा हमेशा से यह मानना रहा है कि भारत के विमानन क्षेत्र में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।

टाटा समूह के साथ मिलकर भारतीय बाजार में इस क्षेत्र के विस्तार में अपना योगदान देने को लेकर हम उत्साहित हैं।

हमें इस बात का पूरा भरोसा है कि यह साझा उपक्रम भारतीय बाजार में मांग बढ़ाने और आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगा।

कंपनी के मुताबिक एयरलाइन की ब्रांडिंग, प्रबंधन टीम और प्रोडक्ट एवं सेवाओं की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।

मालूम हो कि टाटा संस पहले ही किफायती विमानन सेवा शुरू करने के लिए मलयेशिया की एयर एशिया के साथ करार कर चुका है।

इस साझा उपक्रम में एयर एशिया की हिस्सेदारी 49 फीसदी और टाटा संस की 30 फीसदी है। एफआईपीबी इस साझा उपक्रम को मंजूरी दे चुका है।

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