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मंदी के दौर में एक कंपनी ने बांटा करोड़ों का बोनस
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 17 Oct 2013 12:54 PM IST
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टाटा समूह का ‘गढ़’ कहे जाने वाले देश के प्रमुख औद्योगिक नगर जमशेदपुर की लगभग एक हजार छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों में पिछले एक माह में हुई बोनस की जबरदस्त ‘बरसात’ ने मंदी के गम को भुलाकर त्योहारों के मौसम में बाजार में रौनक ला दी है।
टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के अलावा समूह की दर्जनों अन्य कंपनियों और इनके सैकड़ों सहायक उद्योगों वाले इस शहर के हजारों कामगारों को सालाना बोनस के तौर पर इस बार कुल 250 करोड़ से अधिक रुपये दिए गए हैं।
अकेले टाटा स्टील ने लगभग 30,000 कर्मियों को बोनस के रूप में 180.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बोनस की न्यूनतम राशि लगभग 13 हजार और अधिकतम 1.43 लाख रुपये से भी अधिक है।
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टाटा मोटर्स ने यहां अपने भारी वाहन संयंत्र के लगभग सात हजार कर्मियों को लगभग 26,500 रुपये की औसत के दर से 13.30 फीसदी बोनस दिया है। इस पर अनुमानत: करीब 19 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
टाटा समूह की अन्य कंपनियों डीजल इंजन निर्माता टाटा कमिंस, विभिन्न उपकरण बनाने वाली टेल्कॉन, टीआरएफ, टायो, टिस्को ग्रोथ शॉप समेत अन्य कंपनियों और क्लबों ने लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित किए हैं।
आदित्यपुर में स्थित सैकड़ों सहायक उद्योगों में भी मोटे तौर पर 25 से 30 करोड़ रुपये बोनस मिलने का अनुमान है।
ध्यान देने वाले बात है कि मंदी के चलते हाल में यहां टाटा मोटर्स संयंत्र एक माह के भीतर रिकार्ड तीन बार बंदी का शिकार हुआ था। इससे इस पर निर्भर सैकड़ों अन्य उद्योग भी खस्तहाल हो गए थे, जिससे इस शहर पर मायूसी का साया मंडराने लगा था। हालांकि बोनस की बरसात ने त्योहारी सीजन के बाजार में खरीदारों की खासी भीड़ जुटा दी है।
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टाटा स्टील और टाटा मोटर्स के अलावा समूह की दर्जनों अन्य कंपनियों और इनके सैकड़ों सहायक उद्योगों वाले इस शहर के हजारों कामगारों को सालाना बोनस के तौर पर इस बार कुल 250 करोड़ से अधिक रुपये दिए गए हैं।
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अकेले टाटा स्टील ने लगभग 30,000 कर्मियों को बोनस के रूप में 180.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बोनस की न्यूनतम राशि लगभग 13 हजार और अधिकतम 1.43 लाख रुपये से भी अधिक है।
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टाटा मोटर्स ने यहां अपने भारी वाहन संयंत्र के लगभग सात हजार कर्मियों को लगभग 26,500 रुपये की औसत के दर से 13.30 फीसदी बोनस दिया है। इस पर अनुमानत: करीब 19 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
टाटा समूह की अन्य कंपनियों डीजल इंजन निर्माता टाटा कमिंस, विभिन्न उपकरण बनाने वाली टेल्कॉन, टीआरएफ, टायो, टिस्को ग्रोथ शॉप समेत अन्य कंपनियों और क्लबों ने लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित किए हैं।
आदित्यपुर में स्थित सैकड़ों सहायक उद्योगों में भी मोटे तौर पर 25 से 30 करोड़ रुपये बोनस मिलने का अनुमान है।
ध्यान देने वाले बात है कि मंदी के चलते हाल में यहां टाटा मोटर्स संयंत्र एक माह के भीतर रिकार्ड तीन बार बंदी का शिकार हुआ था। इससे इस पर निर्भर सैकड़ों अन्य उद्योग भी खस्तहाल हो गए थे, जिससे इस शहर पर मायूसी का साया मंडराने लगा था। हालांकि बोनस की बरसात ने त्योहारी सीजन के बाजार में खरीदारों की खासी भीड़ जुटा दी है।