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टेंडर प्रक्रिया में मिलने वाली छूट का लें लाभ
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Sun, 21 Apr 2013 03:45 PM IST
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छोटे कारोबारी सिंगल प्वाइंट रजिस्ट्रेशन स्कीम का लाभ उठाकर सरकार द्वारा की गई खरीद में बेहतर सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। कारोबारियों को स्कीम के जरिए जहां टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने में आसानी होती है, वहीं बयाना जमा राशि (अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट) में भी छूट मिल जाती है।
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सिंगल प्वाइंट रजिस्ट्रेशन स्कीम के लिए नेशनल स्मॉल इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन छोटे कारोबारियों का पंजीकरण करता है। कारोबारी एनएसआईसी के किसी भी क्षेत्रीय या शाखा कार्यालय में इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
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किसे मिलता है लाभ
सिंगल प्वाइंट रजिस्ट्रेशन स्कीम के तहत एनएसआईसी के पास माइक्रो एंड स्मॉल वर्ग के तहत आने वाले कारोबारी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए पात्र कारोबारियों का जिला औद्योगिक केंद्र में पंजीकरण होना चाहिए। इसके अलावा, ईएम पार्ट-2 के तहत पात्र कारोबारी भी पंजीकरण करा सकते हैं।
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क्या मिलता है लाभ
स्कीम के जरिए कारोबारी को टेंडर सेट के लिए कोई राशि नहीं चुकानी पड़ती है। उसे बयाना जमा राशि से भी छूट मिल जाती है।
पंजीकरण के लिए शुल्क
स्कीम के तहत कारोबारी के उपक्रम के टर्नओवर के आधार पर पंजीकरण शुल्क देना होता है। एक करोड़ रुपये तक के टर्नओवर पर 5,000 रुपये शुल्क देना होता है। जबकि एक करोड़ रुपये से ज्यादा के टर्नओवर पर पांच हजार रुपये के अलावा प्रत्येक एक करोड़ रुपये पर दो हजार रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होता है।
निरीक्षण शुल्क और प्रोफेशनल शुल्क
पंजीकरण शुल्क के अलावा कारोबारियों को निरीक्षण और प्रोफेशन शुल्क भी चुकाना होता है। निरीक्षण शुल्क प्लांट और मशीनरी में किए गए निवेश के आधार पर कारोबारी को देना होता है। जोकि 1,250 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक होता है। इसी तरह प्रोफेशनल शुल्क तीन हजार रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक देना होता है।