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कर सीमा बढ़ाने पर बनी सहमति: सुशील मोदी

Wed, 30 Jan 2013 12:24 AM IST
पटना/अमर उजाला ब्यूरो
पटना/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 30 Jan 2013 12:24 AM IST
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sushil modi to discuss goods and service tax related matters

वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू करने के मामले में गठित उच्चस्तरीय बैठक में कर सीमा बढ़ाने पर सहमति बन गई है। साथ ही दो समितियों का गठन कर अन्य सुझाव मांगे गए हैं। जीएसटी के निस्तारण के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने मंगलवार को बताया कि उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में देशभर के वित्त मंत्रियों की बैठक आज दूसरे दिन भी जारी रही।

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मोदी ने बताया कि समिति का मानना है कि पांच लाख तक के टर्न ओवर वालों को इस एक्ट के अधीन लाने का प्रावधान है। समिति ने तय किया है यह राशि पांच से बढ़ाकर दस लाख तक करनी चाहिए। मोदी ने कहा कि उत्पाद कर के दायरे में इस समय डेढ़ करोड़ का टर्न ओवर तय किया गया है। समिति इस दायरे को ज्यादा मानती है। केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि इस राशि को दस लाख से डेढ़ करोड़ के बीच तय करें।
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मोदी ने बताया कि समिति ने दो उप समितियों के गठन का भी निर्णय लिया है। एक समिति सर्विस टैक्स के कर निर्धारण प्रक्त्रिस्या पर रिपोर्ट देगी तो दूसरी जीएसटी के तहत वस्तुओं पर कर निर्धारण (रेवेन्यू न्यूट्रल रेट) पर अपने सुझाव देगी। इन समितियों की ओर से आने वाले सुझावों को जीएसटी विधेयक में शामिल कराया जाएगा।
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मोदी का कहना है कि केंद्र सरकार ने राज्यों के बीच होने वाले विवादों के निपटारे को स्वतंत्र निराकरण प्राधिकरण पर भी लचीला रुख अपनाया है। सभी राज्य इसके गठन का विरोध कर रहे हैं। इसी तरह जीएसटी काउंसिल में पहले कोरम एक तिहाई बहुमत से ही पूरा होने का प्रावधान था, लेकिन अब राज्यों के विरोध पर यह कोरम आधे सदस्यों के बहुमत से ही पूरा होगा।


काउंसिल में पहले शत प्रतिशत बहुमत से ही अंतिम फैसला लेने का प्रावधान था। अब यह काम दो तिहाई बहुमत से हो सकेगा। राज्यों की मांग पर केंद्र सरकार ने आधार दर (फ्लोर रेट) और कर बैंड में भी राज्यों की स्वायत्तता की बात को स्वीकार कर लिया है।

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